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Union Budget 2026: यूट्यूबर के लिए खुशखबरी, 15 हजार स्कूलों में खुलेंगी कंटेंट लैब, सरकार देगी वीडियो एडिटिंग, एनिमेशन की ट्रेनिंग

आज के दौर में यूट्यूब, इंस्टाग्राम और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट बनाकर लाखों युवा अपनी पहचान बना रहे हैं। सरकार की इस योजना से ऐसे युवाओं को सही दिशा, ट्रेनिंग और तकनीकी सुविधाएं मिल सकेंगी।

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भारत

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Anurag Animesh

Feb 01, 2026

Union Budget 2026

Union Budget 2026(AI Image-Chatgpt)

Union Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को देश का बजट पेश किया। इसमें शिक्षा संबंधी भी कई प्रकार की घोषणा की गई है। सरकार अब स्कूलों और कॉलेजों में डिजिटल और क्रिएटिव पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए खास लैब बनाने जा रही है, जहां छात्र कंटेंट बनाना, वीडियो एडिटिंग, एनिमेशन और गेम डिजाइन जैसे काम सीख सकेंगे। देशभर के करीब 15 हजार माध्यमिक स्कूलों और 500 कॉलेजों में ‘कंटेंट क्रिएटर लैब’ स्थापित की जाएंगी। इन लैब्स को तैयार करने में मुंबई स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज मदद करेगा। खास बात यह है कि इन लैब्स का फोकस एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों पर रहेगा।

Union Budget 2026: 20 लाख प्रोफेशनल्स की मांग होगी


आज के दौर में यूट्यूब, इंस्टाग्राम और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट बनाकर लाखों युवा अपनी पहचान बना रहे हैं। सरकार की इस योजना से ऐसे युवाओं को सही दिशा, ट्रेनिंग और तकनीकी सुविधाएं मिल सकेंगी। मतलब, अब शौक को प्रोफेशन बनाने का रास्ता थोड़ा और आसान होगा। सरकार का मानना है कि आने वाले वर्षों में एवीजीसी सेक्टर में बड़ी संख्या में कुशल लोगों की जरूरत पड़ेगी। अनुमान है कि साल 2030 तक करीब 20 लाख प्रोफेशनल्स की मांग होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए ट्रेनिंग और प्रैक्टिकल लर्निंग पर खास जोर दिया जाएगा, ताकि छात्र पढ़ाई खत्म करते ही काम के लिए तैयार हो सकें।

Budget 2026: क्रिएटिव सोच विकसित करना मकसद


वित्त मंत्री ने कहा कि इस पहल का मकसद बच्चों और युवाओं में शुरू से ही रचनात्मक सोच, डिजिटल स्टोरीटेलिंग और एडवांस मीडिया स्किल्स को विकसित करना है। इससे न सिर्फ रोजगार के नए मौके बनेंगे, बल्कि भारत इस सेक्टर में दुनिया के बड़े देशों से मुकाबला भी कर सकेगा। बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिए भी अच्छा-खासा फंड रखा गया है। इस साल स्कूल शिक्षा के लिए 83 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा और उच्च शिक्षा के लिए करीब 55 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। सरकार का इरादा साफ है। पढ़ाई की गुणवत्ता बेहतर बनाना और छात्रों को आधुनिक सुविधाएं देना।

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