Kerala Assembly Elections 2021 - केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन का नाम गोल्ड स्मगलिंग केस में भी आ चुका है हालांकि बाद में इसकी पुष्टि नहीं हो सकी।
Kerala Assembly Elections 2021 - केरल के वर्तमान मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को एक वामपंथी बुद्धिजीवी माना जाता है। मद्रास रेजिडेन्सी के एक सामान्य से मध्यमवर्गीय परिवार में जन्म लेकर केरल के मुख्यमंत्री बनने तक का सफर अपने आप में बहुत ही अनोखा रहा है। केरल के मुख्यमंत्री के तौर पर कई नई पहल करने वाले विजयन के जीवन के साथ कई तरह की कंट्रोवर्सीज भी रही हैं जिनके कारण उन्हें कई बार नुकसान भी उठाना पड़ा है।
युवावस्था में चरखा कातने का काम भी किया था
अपनी युवावस्था में ही वह कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI(M)) से जुड़ गए थे। उस समय पढ़ाई के दौरान उन्हें लगभग एक वर्ष तक चरखा कातने का भी काम करना पड़ा था। उन्होंने इकोनॉमिक्स में बी.ए. की डिग्री ली हैं।
गोल्ड स्मगलिंग में आ चुका है उनका नाम
गत वर्ष 5 जुलाई को सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेज एंड कस्टम्स के ऑफिस ने एक भारतीय डिप्लोमेट के पास से 30 किलो सोना बरामद किया था। इस सोने की कीमत लगभग 15 करोड़ रुपए आंकी गई थी। इस केस में आईटी डिपार्टमेंट के प्रिंसीपल सेक्रेटरी एम. शिवशंकर को भी सस्पेंड किया गया था। बाद में इस गोल्ड स्मगलिंग केस में केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन का भी नाम आया हालांकि इसके कोई पुष्ट प्रमाण नहीं मिल पाए। लेकिन विवादों में विजयन का नाम पहले भी रहा है।
वर्ष 2007 में चेन्नई एयरपोर्ट पर उनके बैग से पांच कारतूस भी बरामद किए गए थे। बाद में विजयन द्वारा अपने हथियार का लाइसेंस दिखाने के बाद उन्हें जाने दिया गया था। इनके अलावा वर्ष 1969 में एक मर्डर केस में भी विजयन का नाम उछाला गया था। केरल में यह अपनी तरह का पहला राजनीतिक हत्याकांड था। इस हत्याकांड के बाद से अब तक हिंदूवादी संगठन तथा कम्प्यूनिस्ट पार्टियों के समर्थकों के बीच हुए हिंसक संघर्षों में लगभग 200 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।