
Diya Mirza On Perimenopause: बॉलीवुड अभिनेत्री दीया मिर्जा ने हाल ही में फिल्मी जगत में अपने सफर को लेकर बात की है। उन्होंने महिलाओं से जुड़ीं समस्याओं को लेकर भी बयान दिया है। साथ ही बताया कि कैसे लड़कियों के ऊपर इतनी कम उम्र में ही खूबसूरत दिखने का एक तरह का दबाव डाल दिया जाता है। 'जूम' के साथ बातचीत करते हुए दीया मिर्जा ने क्या कुछ कहा है, चलिए जानते हैं।
दीया मिर्जा ने इंटरव्यू में बात करते हुए कहा, 'आज के दौर में छोटी-छोटी, कम उम्र की लड़कियों तक पर कॉस्मेटिक एन्हांसमेंट कराने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्हें बार-बार यह महसूस कराया जा रहा है कि 'तुम जैसी हो, उतनी अच्छी नहीं हो। और जब इतनी खूबसूरत लड़कियों को भी इस तरह की बातें सुननी पड़ती हैं, तो यह वाकई चिंता की बात है।'
आगे बात करते हुए उन्होंने कहा, 'मैं वास्तव में उम्मीद करती हूं कि मेरा ये नजरिया ज्यादा से ज्यादा युवा महिलाओं और लड़कियों को यह समझने के लिए प्रेरित करेगा कि निश्चित तौर पर हमें एक्सरसाइज, स्वास्थ्य और अपने शरीर की देखभाल पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन हम अपने बाहरी रूप को लेकर इतने ज्यादा चिंतित नहीं हो सकते कि वह हमारी असली पहचान और हमारी अहमियत को ही कम कर दे।'
दीया मिर्जा ने इंटरव्यू में बात करते हुए कहा, 'इस विषय को मैंने इसलिए भी उठाया था क्योंकि आप सभी लगातार कहते हैं कि मैं आज भी दुनिया की सबसे खूबसूरत महिलाओं में शामिल हूं। आप मुझे बार-बार यह तारीफ देते हैं और मैं कई बार समझ ही नहीं पाती कि इसका जवाब क्या दूं। बेशक, इसके लिए धन्यवाद।'
आगे बात करते हुए उन्होंने कहा, 'लेकिन मैं फिर वही बात कहना चाहती हूं कि कभी मेरे अंदर भी असुरक्षा की भावना थी। आप बिल्कुल सही कह रहे हैं। तो फिर मैंने करीब 20 साल पहले आईना देखना क्यों बंद कर दिया था? मेरे करियर के शुरुआती पांच सालों में मेरी छवि को लेकर मुझ पर बहुत ज्यादा बाहरी दबाव था। लोग बहुत सारी बातें करते थे, टिप्पणियां करते थे और उनकी राय धीरे-धीरे आपके ऊपर हावी होने लगती है लेकिन मैंने उन सभी विचारों को खारिज कर दिया और खुद से कहा कि मैं अपने ऊपर ध्यान दूंगी। मैं एक्सरसाइज करूंगी। अनुशासित रहूंगी। सही खाना खाऊंगी। मुझे जो करना जरूरी है, वह करूंगी। मैं ध्यान करूंगी।'
मैंने अपने मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत करने पर भी ध्यान देने का फैसला किया। मैं इस दौर का सामना करने के लिए खुद को तैयार करूंगी। लेकिन मैं दूसरे लोगों के विचारों, उनकी धारणाओं और खूबसूरती को लेकर बनाए गए उनके मानकों को यह तय नहीं करने दूंगी कि मैं खुद को दूसरों से कम समझूं।
उन्होंने कहा, 'ये पूरी जिंदगी चलने वाली लड़ाई है। यह सिर्फ आपकी 20 की उम्र में खत्म नहीं होती। जब आप पेरीमेनोपॉज के दौर में प्रवेश करती हैं, तो यही असुरक्षाएं फिर से सामने आ सकती हैं।
इस दौरान आपको कई नए तरह के लक्षणों और बदलावों से जूझना पड़ता है। आपका शरीर कई तरह के परिवर्तनों से गुजर रहा होता है। आपको हॉट फ्लैशेज होते हैं, आपके मूड में बदलाव आता है, आप चिड़चिड़ापन महसूस कर सकती हैं और कई बार आपका धैर्य भी कम हो जाता है। इस दौरान कई तरह की चीजें एक साथ हो रही होती हैं।'
दीया मिर्जा ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, 'और इन सबके बावजूद हम महिलाओं की जिंदगी रुकती नहीं है। उस समय हमारे बच्चे बड़े हो रहे होते हैं। हमारे माता-पिता बुजुर्ग हो रहे होते हैं। हमारा काम चलता रहता है। घर की जिम्मेदारियां बनी रहती हैं। बाहर की जिम्मेदारियां भी पहले की तरह मौजूद रहती हैं। बहुत सी महिलाएं अपना कारोबार चला रही होती हैं, प्रोडक्शन हाउस संभाल रही होती हैं और अपने पेशेवर जीवन में लगातार काम कर रही होती हैं। इनमें से कुछ भी हमारे लिए रुकता नहीं है।
इसलिए मुझे लगता है कि हमें लगातार खुद को ये याद दिलाते रहना चाहिए कि हमारे शरीर और जीवन में बदलाव आना स्वाभाविक है, लेकिन इन बदलावों के बीच भी हमें खुद को कमतर नहीं समझना चाहिए।'