
दीया मिर्जा की फोटो (फोटो सोर्स- Youtube/ zoom)
Diya Mirza On Playing Prostitute Role: बॉलीवुड अभिनेत्री दीया मिर्जा ने अपने करियर में कई तरह के किरदार निभाए हैं। उन्होंने ग्लैमरस फिल्मों से लेकर गंभीर और संवेदनशील कहानियों तक में काम किया। हालांकि, उनके करियर की कुछ फिल्मों ने उन्हें एक कलाकार के तौर पर खुद को समझने और अपनी सीमाओं से बाहर निकलने का मौका दिया। अब अभिनेत्री ने अपने एक ऐसे ही अनुभव को याद किया है, जब उन्होंने लगभग 500 पुरुषों की मौजूदगी में एक बेहद चुनौतीपूर्ण सीन शूट किया था।
दीया मिर्जा ने जूम के साथ बातचीत में अपने पुराने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि एक फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें ऐसा किरदार निभाना था, जिसमें उन्हें बेहद कम कपड़ों में कैमरे के सामने आना पड़ा था। ये उनके लिए आसान नहीं था, क्योंकि सेट पर बड़ी संख्या में पुरुष मौजूद थे।
अभिनेत्री के मुताबिक, उस गाने और सीन की शूटिंग के दौरान सेट पर करीब 500 लोगों की भीड़ थी और फिल्म की तकनीकी टीम में भी ज्यादातर पुरुष ही थे। ऐसे माहौल में अपने किरदार को पूरी तरह निभाने के लिए उन्हें मानसिक रूप से खुद को तैयार करना पड़ा।
दीया ने बताया कि उस अनुभव ने उन्हें अपने शरीर और अपनी पहचान को लेकर एक अलग नजरिया दिया। उनके लिए ये सिर्फ ग्लैमरस या बोल्ड सीन करने का मामला नहीं था, बल्कि अपने आत्मविश्वास और स्त्रीत्व को महसूस करने का अनुभव भी था। उन्होंने कहा कि इस किरदार को निभाते वक्त उन्हें बहुत सशक्त महसूस हुआ।
दीया मिर्जा ने अपनी फिल्म 'तुमसा नहीं देखा' को याद करते हुए बताया कि इस फिल्म ने उन्हें ऑब्जेक्टिफिकेशन यानी महिला को सिर्फ उसके शरीर या खूबसूरती के आधार पर देखने की सोच को समझने में मदद की।
अभिनेत्री ने फिल्म में एक ऐसी महिला का किरदार निभाया था, जिसकी जिंदगी ग्लैमर से बिल्कुल अलग थी। उनके मुताबिक, किरदार की वजह से उन्हें यह समझ आया कि किसी महिला का कम कपड़े पहनना या अपनी खूबसूरती दिखाना जरूरी नहीं कि उसे कमजोर या असहज बना दे।
दीया ने महसूस किया कि अगर कोई महिला अपने शरीर को लेकर सहज है और अपनी मर्जी से कोई फैसला लेती है, तो उसे सिर्फ दूसरों की नजर से नहीं देखा जाना चाहिए।
दीया मिर्जा ने अपने करियर के शुरुआती दौर को याद करते हुए कहा कि एक समय उन्हें लगता था कि कलाकार के तौर पर उनसे सिर्फ एक खास तरह की चीजें करने की उम्मीद की जाती है। उन्हें क्या पहनना है, कैसे दिखना है और पर्दे पर किस तरह नजर आना है, इन सबका दबाव महसूस होता था।
समय के साथ अभिनेत्री को एहसास हुआ कि वह सिर्फ ग्लैमर और कमर्शियल सिनेमा तक सीमित नहीं रहना चाहतीं। वह ऐसे किरदार करना चाहती थीं जिनमें कहानी और भावनाओं के लिए ज्यादा जगह हो।
दीया ने बताया कि उन्होंने अपने करियर में 'तहजीब', 'प्लान', 'दस' और 'तुमसा नहीं देखा' जैसी फिल्मों के जरिए अलग-अलग तरह के किरदार निभाने की कोशिश की। इन फिल्मों ने उन्हें बतौर कलाकार ज्यादा संतुष्टि दी।
अभिनेत्री का कहना है कि करियर के शुरुआती दौर में भले ही ग्लैमरस और कमर्शियल फिल्मों ने उन्हें पहचान दिलाई, लेकिन समय के साथ उन्हें समझ आया कि उनकी असली रुचि ऐसे सिनेमा में है जिसमें कहानी, भावनाएं और सामाजिक सरोकार हों। बता दें, दीया मिर्जा इन दिनो नेटफ्लिक्स की सीरीज 'ऑपरेशन सफेद सागर' में नजर आ रही हैं।
Updated on:
22 Aug 2026 01:23 pm
Published on:
22 Aug 2026 01:23 pm
