-किसानों ( Scheme for Farmers ) की आमदनी में सुधार लाने के लिए केंद्र व राज्य सरकारें कई योजनाएं चला रही है। -अब मध्य प्रदेश ( Madhya Pradesh ) सरकार ने किसानों के लिए बड़ी घोषणा की है। -मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ( CM Shivraj Singh Chauhan ) ने कहा है कि प्रदेश के किसानों को अब शून्य ब्याज दर पर कृषि ऋण मिल सकेगा।

नई दिल्ली।
किसानों ( Scheme for Farmers ) की आमदनी में सुधार लाने के लिए केंद्र व राज्य सरकारें कई योजनाएं चला रही है। मोदी सरकार की किसान क्रेडिट कार्ड योजना ( Kisan Credit Card Scheme ) के तहत किसानों ( Loan Scheme For Farmers ) को बहुत कम ब्याज दर पर लोन दिया जाता है। वहीं, अब मध्य प्रदेश ( Madhya Pradesh ) सरकार ने किसानों के लिए बड़ी घोषणा की है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ( CM Shivraj Singh Chauhan ) ने कहा है कि प्रदेश के किसानों को अब शून्य ब्याज दर पर कृषि ऋण मिल सकेगा। इसके लिए मध्य प्रदेश सरकार ने सहकारी बैंकों के खातों में 800 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए हैं।
बिना ब्याज के मिलेगा लोन
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश के आर्थिक विकास में सहकारी समीतियां का बड़ा योगदान है। सरकार किसानों के कल्याण के लिए कई कदम उठा रही है। इसी कड़ी में हमने किसानों के लिए शून्य ब्याज दर पर ऋण की योजना लागू की है। किसानों को किसान सम्मान निधि और बीमा योजना का लाभ दिलाने पर भी काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि हम वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
800 करोड़ रुपये का अनुदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों को 800 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाएगा। किसानों को शून्य ब्याज पर कर्ज देने का काम जारी रहेगा। इसमें पशुपालक और मत्स्य पालकों को भी जोड़ा जाएगा। किसानों के हित में कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। पीएम किसान सम्मान निधि, शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण देना, प्रधानमंत्री फसल बीमा आदि सभी योजनाओं को एक पैकेज के रूप में समाहित करके लागू करेंगे।
4 फीसदी की दर पर मिलता है लोन
आपको बता दें कि केंद्र सरकार किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए किसानों को 4 फीसदी की दर से लोन ( Loan For Farmers ) उपलब्ध कराती है। हालांकि, लोन 9 फीसदी की दर पर ही मिलता है, लेकिन सरकार इस कार्ड के जरिए 2 फीसदी की सब्सिडी देती है। वहीं, किसान इस लोन को समय पर चुका दें तो उसे 3 फीसदी की और छूट मिल जाती है। यानी कि किसान को सिर्फ 4 फीसदी की दर से ब्याजा चुकाना पड़ता है।