
CRED में क्रेडिट कार्ड से रेंट पेमेंट का फीचर जल्द आ सकता है। (PC: AI)
Credit Card यूजर्स को जल्द ही एक बड़ी सुविधा वापस मिल सकती है। PhonePe और CRED आने वाले समय में क्रेडिट कार्ड से रेंट पे करने का विकल्प फिर से शुरू कर सकते हैं। दोनों कंपनियां इस सुविधा को दोबारा शुरू करने की तैयारी में हैं और फिलहाल लिमिटेड लेवल पर इसकी टेस्टिंग चल रही है। सीएनबीसी-टीवी18 की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी गई है।
फोनपे और क्रेड कुछ चुनिंदा ग्राहकों के साथ नए मॉडल की जांच कर रहे हैं। अगर सब कुछ ठीक रहा तो अगले महीने से इस सुविधा को बड़े स्तर पर लॉन्च किया जा सकता है। हालांकि, कंपनियों की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
पिछले कुछ वर्षों में क्रेडिट कार्ड के जरिए रेंट पे करना काफी लोकप्रिय हो गया था। लोग कार्ड से किराया भरकर रिवॉर्ड पॉइंट्स और अतिरिक्त क्रेडिट अवधि का फायदा उठाते थे। लेकिन बाद में कई बैंकों और नियामकीय संस्थाओं ने इस मॉडल पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
2024 में कई बड़े बैंकों ने ऐसे ट्रांजैक्शन पर 1 फीसदी तक शुल्क लगाना शुरू कर दिया था। इसके बाद सितंबर 2025 में भारतीय रिजर्व बैंक ने पर्सन-टू-पर्सन (P2P) पेमेंट से जुड़े कुछ नियामकीय मुद्दों पर चिंता जताई। इसके चलते फोन पे, क्रेड और पेटीएम समेत कई प्लेटफॉर्म्स ने यह सुविधा बंद कर दी थी। पहले इस तरह के पेमेंट में मकान मालिक की अनुमति की जरूरत नहीं होती थी। न ही मकान मालिक को प्लेटफॉर्म पर रुपये पाने के लिए ऐप यूजर होने की जरूरत थी। ऐसे में लोग क्रेडिट कार्ड से खुद के बैंक अकाउंट में ही पैसा ट्रांसफर करने लगे थे।
इस बार कंपनियां पुराने मॉडल के बजाय मार्केटप्लेस आधारित फ्रेमवर्क पर काम कर रही हैं। यही सबसे बड़ा बदलाव माना जा रहा है। नई व्यवस्था में पेमेंट एग्रीगेटर दोनों पक्षों की पहचान और दस्तावेजों की जांच करेंगे। आधार, पैन, केवाईसी और अन्य जरूरी नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। इससे उन खामियों को दूर करने की कोशिश होगी, जिनकी वजह से पहले नियामकीय सवाल खड़े हुए थे। बताया जा रहा है कि फोन पे का पायलट कुछ चुनिंदा ग्राहकों तक सीमित है, जबकि CRED की टेस्टिंग अभी शुरुआती चरण में है। अभी तक दोनों कंपनियों ने टेस्टिंग के दायरे, संभावित शुल्क, पात्रता नियम या लॉन्च की निश्चित तारीख के बारे में कोई जानकारी शेयर नहीं की है। यानी अभी ग्राहकों को इंतजार करना होगा।
फोनपे और क्रेड इस दिशा में अकेले नहीं हैं। इस साल जनवरी में NoBroker, PayZapp और RedGiraffe जैसे प्लेटफॉर्म्स ने भी नियामकीय आवश्यकताओं को पूरा करने के बाद क्रेडिट कार्ड के जरिए रेंट पेमेंट की सुविधा दोबारा शुरू की थी। यानी फिनटेक कंपनियां इस मार्केट को छोड़ना नहीं चाहतीं और नियमों के दायरे में रहकर नए मॉडल तलाश रही हैं।
इस बीच सरकार ने भी रेंट पेमेंट से जुड़े नियमों में राहत दी है। केंद्रीय बजट में किराए पर लगने वाले TDS की सालाना सीमा 2.40 लाख रुपये से बढ़ाकर 6 लाख रुपये कर दी गई है। इस बदलाव के बाद मंथली रेंट के लिए टीडीएस लागू होने की सीमा 20,000 रुपये से बढ़कर 50,000 रुपये प्रति माह हो गई है। इसका फायदा छोटे करदाताओं और मकान मालिकों को मिलेगा, क्योंकि कम संख्या में ट्रांजैक्शन टीडीएस के दायरे में आएंगे।
Updated on:
09 Jun 2026 03:47 pm
Published on:
09 Jun 2026 03:45 pm
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