
जेफरीज के क्रिस्टोफर वुड सोने पर काफी बुलिश हैं। (PC: AI)
Gold Price Forecast: इस साल सोने की चाल किसी रोलर कोस्टर राइड से कम नहीं रही है। जनवरी में 5,500 डॉलर प्रति औंस का नया ऑल-टाइम हाई बनाने के बाद, अब जुलाई के अंत में सोना टूटकर 4,000 डॉलर प्रति औंस के आसपास आ चुका है। बाजार में यह उथल-पुथल अचानक नहीं आई। ईरान युद्ध की वजह से कच्चे तेल के दाम भड़के, तो लगा कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक (US Fed) फिर से ब्याज दरें बढ़ा सकता है। बस इसी डर से निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी।
उधर वॉल स्ट्रीट के जाने-माने हेज फंड मैनेजर जॉन पॉलसन और जेफरीज के रणनीतिकार क्रिस्टोफर वुड का कहना है कि जो गिरावट आपको डरा रही है, असल में वही आपके लिए मौका बनकर आई है। इन दिग्गजों का मानना है कि सोने में लंबे समय की बड़ी तेजी (Bull Run) अभी सिर्फ शुरू हुई है। जॉन पॉलसन, जिन्होंने 2008 के अमेरिकी हाउसिंग क्राइसिस में बड़ा दांव खेलकर इतिहास रचा था, उन्होंने कहा, "जैसे-जैसे दुनिया का कागजी करेंसी से भरोसा उठेगा, लोग सोने की तरफ भागेंगे।" दुनिया भर के सेंट्रल बैंक पहले से ही अपने रिजर्व में डॉलर की जगह सोना जमा कर रहे हैं। पॉलसन के मुताबिक, सोना खरीदने के बजाय गोल्ड माइनिंग वाली कंपनियों के शेयरों में पैसा लगाना ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है।
वहीं, क्रिस्टोफर वुड का मानना है कि टेक और एआई (AI) सेक्टर में आ रहे बदलावों से जब-जब बाजार में हलचल बढ़ेगी, सुरक्षित ठिकाने के तौर पर सोने की चमक और बढ़ेगी। उनका कहना है कि लंबे ठहराव के बाद अब वक्त आ गया है कि निवेशक अपने पोर्टफोलियो में फिर से सोना और उससे जुड़ी कंपनियों के शेयर जोड़ना शुरू करें।
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (World Gold Council) का भी कुछ ऐसा ही आकलन है। काउंसिल के अनुसार, मौजूदा हालात में भले ही सोना एक तय दायरे में घूमता दिखे, लेकिन आर्थिक नरमी, भू-राजनीतिक तनाव या ब्याज दरों में कटौती का कोई भी संकेत इसे फिर से $4,500 प्रति औंस या उससे ऊपर ले जा सकता है।
कॉमेक्स पर सोने का भाव शुक्रवार को 0.51 फीसदी की बढ़त के साथ 4070.80 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ था। वहीं, गोल्ड स्पॉट 0.08 फीसदी की बढ़त के साथ 4052.79 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ था।
Updated on:
25 Jul 2026 04:04 pm
Published on:
25 Jul 2026 04:04 pm
