गाडरवारा

#गांव के पांव- नौकरी की तलाश छोड़ खेती किसानी में लगे शिक्षित युवा

बरहटा के 75 प्रतिशत लोग सरकारी नौकरी में दो दर्जन करते हैं सेना में देशसेवा
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Updated: 20 Apr 2020, 3:33 PM IST
#गांव के पांव - नौकरी की तलाश छोड़ खेती किसानी में लगे शिक्षित युवा
बरहटा के 75 प्रतिशत लोग सरकारी नौकरी में दो दर्जन करते हैं सेना में देशसेवा

गाडरवारा। कोरोना वायरस का असर देश दुनिया के साथ गांव गांव में देखा जा रहा है। हालांकि ग्रामीण अंचलों में इसका दुष्परिणाम देखने को नही मिला। यदि ग्रामीण अंचलों की बात की जाए तो इसका फायदा ग्रामीणों पर होता दिखाई दे रहा है। पत्रिका गांव के पांव अभियान के तहत जब नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा तहसील क्षेत्र के ग्राम बरहटा की पड़ताल की तो गांव की एक अच्छी तस्वीर सामने आई। यहां की पंचायत में तीन गांव शामिल है, जिसकी जनसंख्या लगभग पांच हजार है। इसमें लगभग 75 प्रतिशत लोग सरकारी नौकरी करते हैं। वहीं दो दर्जन से अधिक युवा सेना में हैं। जिसके कारण लोगों का रुझान कृषि कार्य पर कम था। लेकिन लाक डाउन के बाद यहां के लोगों, खासकर युवाओं का रुझान कृषि कार्य के साथ प्राइवेट कार्य की और अधिक बढ़ा, यहां के युवाओं ने जैविक खेती करने पर बल दिया और परिणाम भी बेहतर सामने आए। नई नई पद्धति से यहां के युवा कृषि कार्य करते दिखाई दिए। जब यहां के युवाअंों से बात की तो उन्होंने लाक डाउन के बाद कई फायदे उनके भविष्य के लिए होते बताए। गांव के अनेक युवाओं ने बताया की लाक डाउन के बाद उनके दिनचर्या में काफी बदलाव हुआ। पहले जो युवा सरकारी नौकरी की चाह में दिन रात लगे रहते थे, जिससे वो काम नहीं कर पाते थे और आलसी हो जाते थे। लेकिन लाक डाउन लगने के बाद वही युवा नौकरी की चाह खत्म कर खेती किसानी के कार्य में लग गए। जिससे किसानी में भी दोगुना फायदा होने लगा। इतना ही नहीं युवाओं के फिजूल खर्चे भी कम हो गए, नशे से भी मुक्ति मिल गई। गांव का वातावरण एक दम शुद्ध हो गया लड़ाई, झगड़े, प्रदूषण से भी ग्रामीण मुक्त हो गए। युवाओं ने तो समय समय पर लाक डाउन करते रहने की बात की हां कुछ परेशानियां जरूर लाक डाउन में देखने मिलीं। इनमें ग्रामीणों को रोजमर्रा की चीजें आसानी से नहीं मिल पा रहीं। लेकिन अधिकतर लोगों ने गांव को लाक डाउन से फायदा होना बताया। गांव के लोगों ने बताया उनके पास मास्क वितरित होने नहीं आए हैं।

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