ऐसा क्या हुआ जो किसानों ने कहा, नहीं देंगे भाजपा को वोट

मेयर उपचुनाव में सपा महासचिव रामगोपाल यादव के अल्टीमेटम के बाद अब चार गांवों के किसानों ने भारतीय जनता पार्टी को इस बार वोट नहीं देने का फैसला किया है।

2 min read
Jan 28, 2016
गाजियाबाद
। मेयर उपचुनाव में राजनीति की बिसात पर रोज नई चालें चली जा रही है। सपा महासचिव रामगोपाल यादव के अल्टीमेटम के बाद अब चार गांवों के किसानों ने भारतीय जनता पार्टी के लिए मेयर चुनाव में मुश्किल खड़ी कर दी है। चार गांवों के किसानों ने फैसला लिया है कि वो इस बार चुनाव में भाजपा का विरोध करेंगे। केन्द्र सरकार के किसानों को लेकर नकारात्मक रवैये के चलते इस बार किसान भाजपा को वोट नहीं करेगें। रईसपुर गांव में पानी की टंकी पर पिछले एक साल से किसान अपनी जमीनों के मुआवजे को लेकर धरना दे रहे है। लेकिन अभी तक भी किसी ने किसानों की सुध नहीं ली है।


966 एकड़ जमीन को 1.40 रुपए की दर से खरीदा गया


दरअसल केन्द्र सरकार की योजनाओं के लिए 1964 में रहीसपुर, हरसांव, सिहानी और रजापुर गांव की 966 एकड़ जमीन को एक रुपये 40 पैसे की दर से अधिग्रहित किया गया था। अधिग्रहित जमीन का मुआवजा ना मिलने पर किसानों ने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की शरण ली। अदालत ने किसानों के हित में फैसला दिया औऱ सभी की जमीनों पर मुआवजा देने का आदेश पारित किया। लेकिन केन्द्र में सरकारे बदली लेकिन किसानों की किसी ने भी सुध नहीं ली।


मोदी सरकार से जगी थी उम्मीद


रईसपुर गांव के किसान ओमबीर ने बताया कि मोदी सरकार के आने के बाद उन्हे आस जगी थी कि शायद अब उनकी जमीनों का मुआवजा मिल जाएगा। एक साल बीतने को आया है रईसपुर गांव में हम सालों से धरना दे रहे है, शासन, केन्द्र सरकार सभी के दरवाजे खटखटा चुके है पर अभी भी कोई नहीं सुन रहा। मुआवजा नहीं देना मत दे लेकिन फिर हमारी जमीन तो वापिस कर दे।


उत्तर प्रदेश सरकार ने केंद्र को भेज रखा है पत्र


भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष बिजेन्द्र सिंह ने बताया कि डीएम के माध्यम से भेजे गए पत्र को उत्तर

प्रदेश सरकार ने केन्द्र को भेज रखा है। लेकिन वहां से कोई सुनवाई नहीं हुई। इसलिए अब सभी चार गांवों के

मतदातओं ने मेयर उपचुनाव में भाजपा के प्रत्याशी आशु वर्मा का विरोध करने का फैसला लिया है। कोई भी इस चुनाव में भाजपा को वोट नहीं करेगा।
Published on:
28 Jan 2016 05:52 pm
Also Read
View All