
Gonda News:गोंडा जिले में देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए सुनील तिवारी की स्मृति में बने स्थल की बदहाली का मामला सामने आया है। परसपुर विकास मंच के संस्थापक अरुण सिंह ने जिलाधिकारी को पत्र देकर शहीद की प्रतिमा के ऊपर बनी टूटी छतरी की मरम्मत कराने की मांग की है। साथ ही बालपुर पुल का नामकरण शहीद सुनील तिवारी के नाम पर करने की अपील की है।
गोंडा जिले में आतंकियों से मुकाबला करते हुए शहीद हुए सुनील तिवारी की स्मृति में बने स्थल की मरम्मत कराने की मांग उठी है। परसपुर विकास मंच के संस्थापक अरुण सिंह ने जिलाधिकारी को पत्र देकर शहीद की प्रतिमा के ऊपर बनी छतरी को ठीक कराने की मांग की है। उन्होंने बालपुर पुल का नामकरण भी शहीद सुनील तिवारी के नाम पर करने की अपील की है। इस पर डीएम ने संबंधित अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
अरुण सिंह ने जिलाधिकारी को दिए पत्र में बताया कि वर्ष 2010 में आतंकियों से लोहा लेते हुए सुनील तिवारी देश के लिए शहीद हो गए थे। उनकी शहादत को याद करने और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए हर साल 4 जनवरी को कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इस दौरान शहीद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया जाता है। कार्यक्रम में जिले के अधिकारी भी शामिल होते हैं। उन्होंने पत्र में बताया कि शहीद की प्रतिमा वाले स्थल पर पिछले दो वर्षों से छतरी टूटी पड़ी है। ट्रक की टक्कर से छतरी क्षतिग्रस्त हो गई थी। हादसे में प्रतिमा को भी आंशिक नुकसान पहुंचा था। प्रतिमा की मरम्मत तो करा ली गई, लेकिन छतरी अब तक ठीक नहीं कराई जा सकी है।
अरुण सिंह के मुताबिक, छतरी टूटकर नीचे गिर गई है। ऐसे में शहीद की प्रतिमा के ऊपर बनी छतरी को दोबारा बनवाना जरूरी है। उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि संबंधित विभाग को निर्देश देकर जल्द मरम्मत कराई जाए, ताकि शहीद की स्मृति में बने स्थल को व्यवस्थित किया जा सके।
परसपुर विकास मंच के संस्थापक ने बालपुर पुल का नामकरण शहीद सुनील तिवारी के नाम पर करने की भी मांग की है। उनका कहना है कि इससे शहीद के योगदान को सम्मान मिलेगा और आने वाली पीढ़ियां भी उनकी वीरता और बलिदान को याद रख सकेंगी।
अरुण सिंह की ओर से दिए गए पत्र पर जिलाधिकारी ने वीडियो हालदार मऊ को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अब शहीद की टूटी छतरी की मरम्मत और बालपुर पुल के नामकरण की मांग पर आगे की कार्रवाई का इंतजार है। शहादत दिवस पर हर साल आयोजित होने वाले कार्यक्रम को देखते हुए छतरी की मरम्मत का मुद्दा महत्वपूर्ण है। स्थानीय स्तर पर उठी इस मांग के बाद संबंधित विभाग की कार्रवाई पर नजर रहेगी।