
Gonda News: गोंडा में पुलिसकर्मियों को बेहतर सुविधाएं देने और साइबर अपराधों पर कार्रवाई को मजबूत बनाने के लिए तीन नई परियोजनाओं पर काम शुरू किया गया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक ने 14 अक्टूबर को साइबर थाना, पुलिस गेस्ट हाउस और 12 मंजिला पुरुष बैरक के निर्माण के लिए भूमि पूजन किया। बैरक में करीब 200 पुलिसकर्मियों के रहने की व्यवस्था होगी। इन परियोजनाओं से पुलिस की सुविधाओं में सुधार होने की उम्मीद है।
गोंडा में पुलिस विभाग की सुविधाएं बढ़ाने के लिए साइबर थाना, पुलिस गेस्ट हाउस और 12 मंजिला पुरुष बैरक का निर्माण कराया जा रहा है। बुधवार को पुलिस अधीक्षक अभिषेक ने तीनों परियोजनाओं का विधिवत भूमि पूजन किया। इनमें सबसे खास रिजर्व पुलिस लाइन में बनने वाली 12 मंजिला बैरक है। जिसमें करीब 200 पुलिसकर्मियों के रहने की व्यवस्था होगी। वहीं, नए साइबर थाने से ऑनलाइन ठगी और सोशल मीडिया के जरिए होने वाले अपराधों की जांच में मदद मिलने की उम्मीद है।
गोंडा में यातायात कार्यालय के बगल में साइबर थाने का निर्माण कराया जा रहा है। इसका निर्माण लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से किया जाएगा। साइबर थाना बनने से ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक के जरिए धोखाधड़ी और सोशल मीडिया से जुड़े अपराधों की जांच के लिए बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। आजकल मोबाइल और इंटरनेट के जरिए ठगी के मामले सामने आते रहते हैं। ऐसे मामलों में तकनीकी जानकारी और डिजिटल सबूत जुटाना जरूरी होता है। नए साइबर थाने में इन मामलों की जांच और तकनीकी साक्ष्य जुटाने के लिए जरूरी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इससे साइबर अपराधों से जुड़ी शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है।
यातायात कार्यालय के बगल में ही पुलिस गेस्ट हाउस का निर्माण भी कराया जा रहा है। इसका काम भी लोक निर्माण विभाग को सौंपा गया है। गेस्ट हाउस बनने के बाद विभागीय काम से गोंडा आने वाले पुलिस अधिकारियों और अन्य आगंतुकों के ठहरने के लिए बेहतर व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी। अभी इस परियोजना का उद्देश्य पुलिस विभाग के कामकाज से जुड़े लोगों को ठहरने की सुविधा देना है। इससे अधिकारियों को ठहरने के लिए उचित जगह उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
रिजर्व पुलिस लाइन गोंडा में 12 मंजिला पुरुष बैरक का निर्माण कराया जा रहा है। इसका निर्माण उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (यूपी सिडको) की ओर से किया जा रहा है। इस बैरक में करीब 200 पुलिसकर्मियों के रहने की व्यवस्था होगी।
नई बैरक बनने से पुलिसकर्मियों को रहने के लिए बेहतर जगह मिल सकेगी। इससे उनकी आवासीय सुविधाओं में सुधार होने की उम्मीद है। पुलिस विभाग की इन तीनों परियोजनाओं का उद्देश्य साइबर अपराधों की जांच के लिए सुविधाएं बढ़ाना, अधिकारियों के ठहरने की व्यवस्था करना और पुलिसकर्मियों को बेहतर आवास उपलब्ध कराना है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इन सुविधाओं का लाभ गोंडा पुलिस को मिलेगा।