गोरखपुर में बर्ड फ्लू के संक्रमण की पुष्टि होते ही जिला प्रशासन ने तत्काल रैपिड रिस्पांस टीम को एक्टिव कर दिया है। विकास खंड स्तर पर भी टीमें तैनात कर दी गई हैं। इसके अलावा गोरखपुर से लिए गए 1328 सैंपल नेगेटिव आए हैं।
गोरखपुर में बर्ड फ्लू के बढ़ते खतरे से हड़कंप मच गया है। चिड़ियाघर में पांच जानवरों की मौत के बाद शहर में भी बर्ड फ्लू के मामले सामने आए हैं। शहर के चार चिकन की दुकानों और चिड़ियाघर में सैंपल पॉजिटिव पाए गए हैं। इसको देखते हुए दुकानों को तीन सप्ताह के लिए बंद कर दिया गया है।
संक्रमण बढ़ता देख अधिकारियों ने दुकानों पर पहुंचकर मुर्गों को गड्ढे में गड़वाए और जगह को को सैनेटाइज कराया। मालूम हो कि 20 मई को लिए गए सैंपलों में एवियन इन्फ्लुएंजा H5N1 और H9N2 वायरस मिले हैं। इसको देखते हुए प्रशासन ने फौरन मुर्गा बिक्री पर रोक लगा दी है और लोगों को परहेज करने की बात कही है।
जानकारी के मुताबिक चिड़ियाघर में पहले ही कुछ जानवरों की मौत हो चुकी है। अब शहर में भी बर्ड फ्लू के मामले मिलने से स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। संक्रमण से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की टीम ने मिलकर कार्रवाई शुरू कर दी है। शहर के झुंगिया बाजार, अल्युमिनियम फैक्ट्री हड़हवा फाटक, तारामंडल, भगत चौराहा और शहीद अशफाक उल्ला खान प्राणी उद्यान में सैंपल पॉजिटिव मिले हैं। संक्रमित इलाकों के एक किलोमीटर के दायरे में मुर्गों को मारने का काम शुरू कर दिया गया है। हर जगह सैनिटाइज किया जा रहा ताकि वायरस को फैलने से रोका जा सके।
जिला प्रशासन ने लोगों से कहा है कि वे सावधान रहें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। गोरखपुर के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. धर्मेन्द्र पाण्डेय ने बताया कि 20 मई को चार चिकन की दुकानों और चिड़ियाघर से सैंपल लिए गए थे। ये सैंपल नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लिए थे। उन्होंने कहा कि इस सैंपल को भोपाल स्थित लैंब में जांच के लिए भेजा गया था। इसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद महानगर के सभी चिकन शॉप को 21 दिन के लिए बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। जनता इसे पेनिक में न ले बस कुछ दिनों तक सतर्कता रखे।