प्रतिकुलपति प्रेफेसर एसके दीक्षित की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित। मंगलवार को सुबह की पाली में होने वाला पेपर पहले आया बाहर
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और संबद्ध काॅलेजों की परीक्षा की शुचिता सवालों के घेरे में है। मंगलवार को दूसरी पाली में होने वाले बीए सेकेंड र्इयर के समाजशास्त्र का पहला पेपर भी निरस्त कर दिया गया है। परीक्षा के कुछ घंटें पहले पेपर निरस्त होने से छात्र परेशान हैं।
विवि के जनसंपर्क अधिकारी/वरिष्ठ प्रेफेसर डाॅ.हर्ष कुमार सिन्हा ने बताया कि विवि प्रशासन के लिए परीक्षा की शुचिता और विद्यार्थियों का हित सर्वोपरि है। इसलिए संदेह की परिस्थितियों में परीक्षा कराने की बजाय उसे स्थगित करके उसकी सम्यक जांच कराकर ही परीक्षा कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि पेपर लीक हुआ है या नहीं इसकी जांच के लिए प्रतिकुलपति प्रेफेसर एसके दीक्षित की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की गर्इ है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवार्इ की जाएगी।
सोमवार को मैथ का पेपर आउट होने के बाद परीक्षा निरस्त कर दिया गया था
मंगलवार को होने वाली बीए/बीएससी प्रथम वर्ष के गणित का प्रथम प्रश्न-पत्र व रसायन शास्त्र परीक्षा के एक दिन पहले ही आउट हो चुका है। पेपर आउट की जानकारी होते ही विवि प्रशासन ने आनन-फानन में पेपर निरस्त कर दिया गया था। हालांकि, विवि की ओर से जारी बयान में पेपर आउट होने बात स्वीकार नहीं की जा रही। विवि के पीआरओ प्रो.हर्ष कुमार सिन्हा ने बताया कि मंगलवार को सुबह की पाली में होने वाली बीए/बीएससी प्रथम वर्ष की गणित प्रथम पेपर की परीक्षा को अपरिहार्य कारणों से निरस्त कर दी गई है। नई तिथि बाद में घोषित की जाएगी।
बता दें कि गोरखपुर विवि आैर संबद्घ काॅलेजों की परीक्षाएं इन दिनों चल रही। पहले दिन से ही नकलविहीन परीक्षा कराए जाने की पोल खुल रही है। पहले सेंटर बनाने के नाम पर शिक्षा माफियाआें के दखल, फिर परीक्षा शुरू होते ही नकल कराने की एवज में सुविधा शुल्क की वसूली की मांग वाले कर्इ कर्इ आॅडियो वायरल होने के बाद सोमवार को पेपर आउट हो गया। मंगलवार को बीए/बीएससी प्रथम वर्ष की गणित का पहला पेपर था। सुबह की पाली में होने वाली इस परीक्षा का पेपर एक दिन पहले ही बाहर आ गया। पहले से यह मामला काफी गुपचुप रहा। लेकिन देर शाम तक पेपर आउट होने की सूचना आम हो गयी। प्रथम दृष्टया तो पेपर लीक को अफवाह करार देते रहे। पेपर लीक की बात सामने आते ही सच्चार्इ जानने के लिए यूनिवर्सिटी के जिम्मेदारों के पास फोन घनघनाने लगे। देर रात तक पेपर आउट होने की चर्चा बनी रही। पर अचानक से पेपर भी वायरल हो गया। लेकिन विवि का कोई भी जिम्मेदार कुछ भी बोलने से इंकार करता रहा। सबसे अच्छी बात यह कि पेपर आउट होने सूचना जैसे ही आम हुई विवि ने तत्काल पेपर को निरस्त करने का निर्णय जारी कर दिया।