सांसद रवि किशन ने सरकार से अपील करते हुए मांग की कि गोरखपुर में कौशल विकास एवं उद्यमिता विश्वविद्यालय की स्थापना पर शीघ्र विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और भारत को वैश्विक स्तर पर आर्थिक रूप से मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
गोरखपुर के सांसद रवि किशन ने लोकसभा में नियम 377 के तहत जिले में कौशल विकास एवं उद्यमिता विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के युवाओं के लिए रोजगारपरक शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण का एक महत्वपूर्ण केंद्र साबित होगा।
सांसद रवि किशन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है कि देश के युवा शक्ति को रोजगारपूरक कौशल प्रदान किया जाए। उन्होंने बताया कि अब तक पारंपरिक स्नातक और परास्नातक की डिग्रियां तो मिलती रही हैं, लेकिन इनमें व्यावसायिक कौशल की कमी होने के कारण युवा सरकारी नौकरी की तलाश में भटकते रहते हैं।
PM ने इस समस्या को समझते हुए कौशल विकास मंत्रालय की स्थापना की और देशभर में कई कौशल विकास केंद्र खोले। लेकिन इन केंद्रों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण सुविधाओं की कमी के कारण अभी भी यह कार्यक्रम उतनी गति नहीं पकड़ पाया है, जितनी आवश्यकता थी। सांसद ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश को परंपरागत रूप से पिछड़ा क्षेत्र माना जाता है जहां नौकरी के विकल्पों पर अधिक निर्भर रहते हैं, सरकारी नौकरियों की संख्या लगातार घट रही है, ऐसे में गोरखपुर में कौशल विकास विश्वविद्यालय की स्थापना अत्यंत आवश्यक है। इस विश्वविद्यालय के खुलने से गोरखपुर सहित 14-15 जिलों के साथ-साथ पश्चिमी और उत्तरी बिहार के युवा भी लाभान्वित होंगे।