गोरखपुर में नगर निगम कर्मियों की मिलीभगत से जालसाजों ने एक महिला के मरने के बाद भी तीन बार फर्जी डेथ सर्टिफिकेट बनवा किया, इसी आधार पर वे जमीन पर अवैध दावा करते रहे। जब मामला SSP गोरखपुर के पास पहुंचा तब पुलिस ने जालसाजी के केस में मुकदमा दर्ज किया।
गोरखपुर में एक हैरान करने वाला मामला आया है, यहां नौ वर्ष पहले जिस महिला की मौत हुई थी उसके नाम पर तीसरी बार मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा लिया गया। मृत महिला के बेटे का आरोप है कि भूमि हड़पने के लिए पट्टीदार ने अपने पिता के साथ मिलकर यह जालसाजी ल किया जिसमें नगर निगम के कर्मचारी भी शामिल हैं। अब पीड़ित की शिकायत पर कैंट थाना पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक देवरिया के रुद्रपुर सोनबह निवासी ओमप्रकाश यादव ने कैंट पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी मां पुरनी देवी की वास्तविक मृत्यु 31 अक्तूबर 2016 को हुई थी, जिसका वैध प्रमाण पत्र विकास खंड रुद्रपुर से जारी हुआ था।नंदानगर के झरना टोला में रहने वाले उनके पट्टीदार योगेंद्र प्रताप यादव और उसके पिता गया प्रसाद जमीन कब्जा करने की नीयत से फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा लिया। ओमप्रकाश के अनुसार पहला फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र 12 अप्रैल 2019 को बनवाया गया, शिकायत के बाद 14 दिसंबर 2020 को निरस्त कर दिया गया। इसके बाद आरोपितों ने 2020 में बनवया जो जांच में अवैध पाए जाने पर 13 अप्रैल 2023 को रद कर दिया गया।तीसरा फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र 11 अगस्त 2025 को जारी करा लिया गया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि तीसरे फर्जी प्रमाण पत्र के पीछे नगर निगम के सुपरवाइजर और अन्य कर्मचारियों की मिलीभगत रही। एसएसपी राजकरण नैय्यर के निर्देश पर कैंट पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। इस बाबत
SP सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर पिता-पुत्र और प्रमाणपत्र जारी करने में शामिल नगर निगम कर्मचारियों पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी और षड़यंत्र की गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है, कानून के हिसाब से आगे जांच की जाएगी।