गोरखपुर

झांसी के हादसे ने ताजा कर दी गोरखपुर मेडिकल कॉलेज का ऑक्सीजन कांड…तड़प तड़प कर दर्जनों बच्चों की हुई थी मौत

झाँसी मेडिकल कॉलेज में दस नौनिहालों की मौत ने देश को झकझोर कर रख दिया। इस से पहले भी एक बड़ी दुखद घटना 10 अगस्त 2017 की शाम गोरखपुर में स्थित बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज के नेहरू अस्पताल में हुई थी।

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Nov 16, 2024

शुक्रवार की रात झांसी में रानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के शिशु वार्ड में लगी आग में 10 बच्चों की झुलसकर दर्दनाक मौत हो गई, इस दर्दनाक हादसे के बाद कोहराम मचा हुआ है। यह हादसा सात साल पहले गोरखपुर के बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज में हुई उस घटना के जख्म ताजा कर दिए जिसमें 50 से अधिक बच्चों की जान चली गई थी।

BRD मेडिकल कॉलेज में हुई थी दर्जनों बच्चों की दर्दनाक मौत

गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भी अगस्त 2017 में ऑक्सीजन की कमी के चलते 50 से अधिक बच्चों की मौत हो गई थी, जिसके बाद पूरे प्रदेश में हाहाकार मच गया था।ये घटना उस समय हुई जब अस्पताल में अचानक ऑक्सीजन की कमी हो गई थी, जिसके बाद अस्पताल में भर्ती बच्चों की जानें चलीं गई थीं, ये बच्चे एनएनयू वार्ड और इंसेफेलाइटिस वार्ड में भर्ती थे।

गोरखपुर ऑक्सीजन कांड : फर्म ने रोक दी थी ऑक्सीजन की सप्लाई

इस दौरान ये बात भी सामने आई थी कि अस्पताल ने ऑक्सीजन के 69 लाख रुपये का भुगतान नहीं किया था, जिसके बाद फर्म ने अस्पताल में ऑक्सीजन की सप्लाई रोक दी थी।जिसके बाद अस्पताल में ऑक्सीजन की शॉर्टेज हो गई।हालांकि यूपी सरकार ने इस बात से साफ इनकार किया था और दावा किया किसी की मौत ऑक्सीजन की कमी से नहीं इंसेफेलाइटिस की वजह से हुई थी।

नौ माह जेल में रहा डॉक्टर कफील खान

इस मामले में अस्पताल के इनसेफलाइटिस वार्ड के इंचार्ज डॉ. कफील खान समेत 9 लोगों को आरोपी बनाया गया था।जिसके बाद उन्हें नौ महीने जेल में बिताने पड़े थे।डॉ कफील ने दावा किया कि घटना की रात बच्चों को बचाने की पूरी कोशिश की गई थी। इस मामले में चली कानूनी लड़ाई में कोर्ट ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया।

भीषण आग में फायर सेफ्टी इंतजाम हुए फेल

झांसी अस्पताल में भी लापरवाही की बात सामने आ रही है। जहां आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम तक नहीं थे। आग बुझाने वाले सिलेंडर भी काम नहीं कर रहे थे।जिस वक्त अस्पताल के शिशु वार्ड में आग लगी वहां 49 मासूम बच्चे भर्ती थे, जिनमें से 39 बच्चों को बचा लिया गया जबकि दस बच्चों की आग में झुलसकर मौत हो गई। इनमें 16 बच्चे घायल बताए जा रहे हैं जिनका इलाज चल रहा है।

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