पूर्वांचल में हुई भारी बारिश और नेपाल से छोड़े गए पानी से नदियां उफान पर हैं। इससे बाढ़ प्रभावित इलाकों में रेल पटरियां डूब गई हैं। स्थिति की समीक्षा NE रेलवे की GM सौम्या माथुर द्वारा कर आवश्यक निर्देश दिया गया।
मंगलवार को महाप्रबंधक सभाकक्ष में बाढ़ प्रभावित रेल खंडों एवं रेस्टोरेशन की तैयारियों की समीक्षा पूर्वोत्तर रेलवे की महाप्रबंधक सौम्या माथुर ने मंगलवार को की। बैठक में प्रमुख विभागाध्यक्ष एवं वीडियो लिंक के माध्यम से मंडल रेल प्रबंधक इज्जतनगर रेखा यादव भी उपस्थित थीं।
जीएम ने अफसरों को बाढ़ से रेल पटरियों के बचाव के उपाय और बाढ़ प्रभावित इलाकों में तेजी से बचाव व मरम्मत कार्य के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यथाशीघ्र रेल सेवा बहाल करने के लिए विशेष तौर पर प्रयास करना होगा।
बैठक में महाप्रबंधक ने सुरक्षित रेल संचालन और बाढ़ प्रभावित खंडों पर तेजी से रेस्टोरेशन कार्य कराने का निर्देश दिया। महाप्रबंधक ने अत्यधिक वर्षा, जलभराव के कारण प्रभावित खटीमा-बनबसा, शाही-पीलीभीत, शाहगढ़-माला, भोपतपुर-पीलीभीत एवं नानपारा-मैलानी खंडों पर तेजी से पुर्नस्थापन कार्य कर संरक्षित रेल संचलन पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि नदियों के जलस्तर की माॅनिटरिंग 24 घंटे की जाए। प्रभावित रेल खंडों के अनुरक्षण का कार्य तेजी से कर अतिशीघ्र रेल सेवा बहाल की जाए। जीएम ने क्षतिग्रस्त लाइनों एवं पुलों आदि की मरम्मत में उपयोगी वस्तुओं का पर्याप्त भंडारण करने का भी निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित रेल खंडों पर सुचारु एवं सुरक्षित रेल परिचालन के लिए मानसून के लिहाज से संवेदनशील रेलपथों एवं पुलों की पेट्रोलिंग जरूरी है। मंडल रेल प्रबंधक इज्जतनगर रेखा यादव ने अपनी तैयारियों की जानकारी देते हुए कहा कि जैसे ही पानी घटना शुरू होगा मरम्मत कार्य शुरू करा दिया जाएगा। सभी संवेदनशील रेलपथों एवं पुलों की पेट्रोलिंग की जा रही है।