भाषा और संगीत के माध्यम से बढ़ा रहा  है संस्कार भारती: राज्यपाल राम नाइक

संस्कार भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष वासुदेव कामथ के और उनके परिवार के समाज के प्रति योगदान को भी सराहा

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Sep 12, 2016
Ram naik
Ram naik
गोरखपुर. वसुधैव कुटुम्बकम के माध्यम से हमारी संस्कृति ने विश्व को एक बताया है और सभी प्राणी मात्र का कल्याण ही जीवन का उद्देश्य होना चाहिए और संस्कार भारती इन्ही विचारों को कला,भाषा और संगीत के माध्यम से समाज मे प्रसारित करने में अपने स्थापना काल से लगी है।




ये बातें राज्यपाल राम नाइक ने संस्कार भारती की अखिल भारतीय साधारण सभा के उद्घाट्न समारोह मे बतौर मुख्य अतिथि कही। उन्होंने संस्था के राष्ट्रीय संरक्षक और जनक बाबा योगेंद्रनाथ के योगदान को नमन करते हुए संस्कार भारती के इस आयोजन को गोरखपुर मे दूध मे शक्कर की मिठास बताया तो उनके सम्मान को इस मिठास में केसर से युक्त करना बताया।उन्होने संस्कार भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष वासुदेव कामथ के और उनके परिवार के समाज के प्रति योगदान को भी सराहा। राज्यपाल ने संस्कार भारती को कला,भाषा और संगीत के माध्यम से भारतीय संस्कृति के वर्धन के अपने कार्य के प्रचार की भी सलाह दी।




मुख्य अतिथि के उद्बोधन पश्चात संस्कार भारती के राष्ट्रीय संरक्षक और जनक बाबा योगेंद्रनाथ का अभिनंदन महामहिम राज्यपाल नाईक और सदर सांसद योगी आदित्यनाथ द्वारा हुआ ।




सभा मे विशिष्ट अतिथि के रूप में सदर सांसद योगी आदित्यनाथ ने संकारो के प्रभाव की चर्चा की। उन्होंने कहा की कैसे श्रीराम जैसे उच्च संस्कारो वाले महापुरुष के सानिध्य मे रह कर पशु योनी मे जन्मे श्री हनुमान सबके लिये देवता की तरह पूज्य हो जाते है और रावण के सानिध्य मे रहकर मनुष्य जैसे उच्च योनी मे जन्मे मारिच को पशु के रूप मे अंत होता है और संस्कार भारती श्री राम जैसे संस्कारो का प्रसार समाज मे अपने कार्यो से कर रही है।




सभा मे विशिष्ट अतिथी के रूप मे संस्कार भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष वासुदेव कामथ ने संस्कार भारती के कार्योपर प्रकाश डालतेहुए कहा की संस्कार लादा नही जा सकता ये जनकल्याण कार्यो के माध्यम से पैदा की जा सकता है।संकार भारती के कलाकार अपनी विधा के माध्यम से समाज मे यही कर रहे है।



कार्यक्रम का शुभारम्भ राष्ट्रगान से हुआ और इसके पश्चात सभी अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ नटराज की प्रतिमा मे माल्यर्पण करके किया।



इसके बाद संस्कार भारती के ध्येय गीत प्रतिमा, शिप्रा,सुप्रिया,रुचि,प्रज्ञा,आर्या,नेहा,श्रूति, सुप्रिया ने प्रस्तुत किया साथ ही साथ और पंडित राम प्रसाद बिस्मिल द्वारा रचित स्वराज गीत पर समूह नृत्य को जगदीश सर्राफ के निर्देशन मे रूचि,शिप्रा,श्रेयांशी,सुभव्या,अनुपमा,नीलू,जय प्रकाश,विनोद गंगानी इत्यादी ने प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के अंत मे संस्कार भारती के क्रिया कलापो से सम्बंधित स्मारिका का विमोचन भी सभी अतिथियो ने किया।
कार्यक्रम में मेयर सत्या पांडे,विधायक राजेश त्रिपाठी,पूर्व कुलपति यू.पी.सिह,राम अचल सिह,पुष्प दंत जैन,पूर्व महापौर अंजू चौधरी,सीताराम जैसवाल,प्रो.के.एन.सिह व देश भर से आये संस्कार भारती के पदाधिकारी और सदस्य गण मौजूद थे।




सांस्कृतिक सन्ध्या का भी हुआ आयोजन
उद्घाटन कार्यक्रम के उपरांत शाम मे विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारम्भ पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजीव मिश्र व उनकी पत्नी कुमकुम मिश्र , संस्कार भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष वासुदेव कामथ इत्यादी ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया।



वाद्य वृंद “ राग भीमपलासी “ की प्रस्तुति शिवदास चक्रवर्ती के सन्योजन में हुई। इस कार्यक्रम मे सरोद पर शिवदास चक्रवर्ती, जयदीप मिश्र , आर्यन चटर्जी ,सितार पर एन.डी. शर्मा, अंकिता सिह, अनन्या सेन, वायलीन पर मधुसूदन जायसवाल,स्वास्तिक शुक्ल , गिटार पर जसवंत सिह,हारमोनियम पर सुधाकर सिन्हा,तबला पर निखिल रंजन,विष्णु स्वरूप श्रीवस्तव,रमेश चंद्र व जय डे ने अपनी स्वर लहरियो व थापो से सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम की इसी कडी मे एकल नृत्य की प्रस्तुति धानी गुप्ता द्वारा दिया गया साथ ही साथ ठुमरी युगल नृत्य विनोद कुमार गंगानी के निर्देशन मे ज्योति व स्मृति शाही ने प्रस्तुत किया। समूह नृत्य की दूसरी प्रस्तुति को ज्योति,स्मृति शाही,सारिका,काव्यांशी त्रिपाठी,अमृता मिश्रा व पायल ने प्रस्तुत किया।



इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में संस्कार भारती के सन्योजक रविशंकर खरे,प्रांत अध्यक्ष डा.शरद मणि त्रिपाठी,मंत्रि आशिष श्रीवास्तवा,मिथिलेश तिवारी, रास बिहारी विश्कर्मा,हरिप्रसादसिह,विश्वमोहन तिवारी,डा वी. के सिह,डा.मंगलेश श्रीवास्तव,अनुपम सहाय, राजेश सिह, कन्हैया श्रीवास्तव,मानवेंद्र त्रिपाठी,रविंद्र रंगधर की महती भूमिका रही।
Published on:
12 Sept 2016 10:37 am