गुरुवार को गोरखपुर यूनिवर्सिटी और मैक्स हॉस्पिटल के संयुक्त तत्वाधान में यूनिवर्सिटी में एक जागरूकता कार्यशाला हुई। इसमें महिलाओं को होने वाली सर्वाइकल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर से बचाव पर प्रकाश डाला गया है।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर के संवाद भवन में महिला अध्ययन केंद्र तथा मैक्स हॉस्पिटल लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में जागरूकता कार्यशाला जिसका विषय “किशोरियों और महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर , स्तन कैंसर एवं स्वास्थ प्रबंधन “ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को श्री भगवती प्रसाद शिक्षा स्मृति समिति,गोरखपुर तथा वी.एस फाउंडेशन द्वारा प्रायोजित किया गया था।इस कार्यशाला का आशय समाज में सर्वाइकल कैंसर और ब्रेस्ट कैंसर के बढ़ते आकड़ों के प्रति जागरूकता तथा रोकथाम के लिए उपाय रहा।
कार्यक्रम का प्रारंभ कार्यक्रम की अध्यक्ष एवं प्रेरणा स्रोत प्रो पूनम टंडन माननीय कुलपति दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय द्वारा माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ किया गया जिसमे वरिष्ठ महिला स्वास्थ विशेषज्ञ डॉ अमृता जयपुरिया (गोरखपुर), डॉ रीना श्रीवास्तवा (गोरखपुर) , तथा मैक्स हॉस्पिटल लखनऊ से डॉ फराह अर्शद जी रहीं।
इस कार्यक्रम की संयोजिका प्रो.दिव्या रानी सिंह , निदेशक -महिला अध्ययन केंद्र ने अतिथियों का परिचय , समस्त सम्मानित पधारे अतिथियों का स्वागत किया तथा मंच पर उपस्थित अतिथियों को उत्तरीय तथा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया ।सर्वाइकल कैंसर तथा स्तन कैंसर में स्वास्थ प्रबंध पर जागरूक करते हुए उपस्थित महिला स्वास्थ चिकित्सकों द्वारा व्याख्यान दिया गया ।
डॉ रीना श्रीवास्तव जी ने अपने व्याख्यान में बताया कि HPV वैक्सीन सभी 9 से 26 वर्ष की लड़कियों को लगवाना चाहिए । गोडसिल -9 वैक्सीन 9 तरह की स्ट्रेन से बचाता है। डॉ अमृता जयपुरिया जी ने भी एच. पी .वी. वायरस के बारे बारे में चर्चा की एवं बताया कि वैक्सीन के विषय में जागरुकता की काफी कमी है तथा वैक्सीन का महंगा होना भी कम टीकाकरण का एक मुख्य कारण है, और भारत में अभी एक प्रतिशत से भी कम लोगों में एचपीवी का टीकाकरण हुआ है जो अत्यंत चिंतनीय है। वही मैक्स अस्पताल लखनऊ से आई डॉ फराह जी ने ब्रेस्ट कैंसर के कारण टेस्ट तथा बचने के उपाय के बारे में बताया । उन्होंने कहा कि कम क्रियाशीलता , शारीरिक व्यायाम की कमी ,अस्वास्थकारी भोजन ,तथा तनाव इसका मुख्य कारण है।
कार्यक्रम अध्यक्ष कुलपति प्रो पूनम टंडन ने कार्यक्रम की उपयोगिता तथा समाज के हर वर्ग तक जागरूकता फैलाने और एचपीवी टीकाकरण को गति प्रदान करने में विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को उल्लिखित किया साथ ही महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनंदी बेन पटेल का महिला स्वास्थ ख़ासकर सर्वाइकल कैंसर के बचाव के लिए टीकाकरण को कम से कम दाम में उपलब्ध करना और भारत में इस टीके के निर्माण को और गति देने जिससे सरकार इसे हर सरकारी अस्पताल में मुफ़्त में उपलब्ध करा सके के महामहिम के मंतव्य को स्पष्ट किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने और सहयोग के लिए प्रो एसएस दास तथा संगीता मल्ल का विशेष योगदान रहा ।कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षक ,छात्र ,एवं अन्य लोग के द्वारा पूछे गए सभी प्रश्नों का विस्तारपूर्वक चर्चा किए एवं इनसे जुड़े सभी तथ्यों को बताया एवं प्रश्नों का जवाब दिया एवं इस कार्यक्रम में, प्रो नंदिता , प्रो सुधा यादव , प्रो अनुभूति दूबे ,प्रो राजवन्त राव ,प्रो उपेन्द्र नाथ त्रिपाठी ,श्रीमती पूजा रस्तोगी ,श्रीमती वंदना त्रिपाठी डॉ गीता सिंह,डॉ कुसुम रावत , डॉ अपरा त्रिपाठी, डॉ तूलिका मिश्रा प्रो अनुभूति दुबे, डॉ प्रीति , डॉ अनुपमा कौशिक, डॉ नीता सिंह, शोध छात्राएं , एवं छात्र छात्राएं भी उपस्थिति रहें।