राजस्थान में बने चक्रवातीय घेरे की वजह से शहर में झमाझम बारिश हुई। तीन साल बाद जनवरी में रिकॉर्ड बारिश हो रही है। दोपहर में बादल छाने से अंधेरा हो गया। शाम जैसा नजारा रहा। गरज-चकम के साथ तेज बारिश दर्ज हुई। घटना कोहरा भी छा गया। कोहरा, बारिश व सर्दी के कारण लोगों की […]
राजस्थान में बने चक्रवातीय घेरे की वजह से शहर में झमाझम बारिश हुई। तीन साल बाद जनवरी में रिकॉर्ड बारिश हो रही है। दोपहर में बादल छाने से अंधेरा हो गया। शाम जैसा नजारा रहा। गरज-चकम के साथ तेज बारिश दर्ज हुई। घटना कोहरा भी छा गया। कोहरा, बारिश व सर्दी के कारण लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो गई। शहर की सडक़ों पर जाम जैसी स्थिति रही। यह बारिश फसलों के लिए अमृत बनकर बरसी है। मावठ की पहली बारिश हुई है। बारिश ने 100 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। 8 जनवरी 1926 को 52 मिलीमीटर बारिश हुई थी और इस साल 62 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है।
जम्मू कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ गुजर रहा है। राजस्थान में चक्रवातीय घेरा बना है। इन सिस्टम को अरब सागर से नमी मिल रही है, जिसकी वजह से मौसम बिगड़ गया। सुबह से शहर में बादल छा गए थे, लेकिन दोपहर में हल्की बारिश हुई। दोपहर में 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से हवा चली। काली घटाओं की वजह से अंधेरा छा गया। तेज हवा के कारण शहर की बिजली भी गुल हो गई। पेड़ों की टहनियां टूट गई। अधिकतम तापमान 21.3 डिग्री सेल्सियस से घटकर 19.3 डिग्री सेल्सियस पर आ गया और सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस कम रहा। कोल्ड के कारण दिन में सर्दी बढ़ गई। गर्म कपड़े निकल आए। देर शाम छाए कोहरे के कारण दृश्यता भी घट गई। मौसम विभाग के अनुसार बारिश थमने के बाद सीवियर कोल्ड डे का सामना करना पड़ सकता है। ज्ञात है कि जनवरी 2024 में झमाझम बारिश हुई और 23 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई।
24 ब्रेकडाउन, बिजली आपूर्ति भी ठप
-बारिश के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। 33 केवी लाइनों में 24 ब्रेक डाउन आए। साथ ही 11 केवी लाइनों में भी फॉल्ट रहे। इसके अलावा ट्रांसफार्मर से फेस जाने की भी शिकायत रही।
- बिजली कंपनी के पास करीब 3 हजार से ज्यादा शिकायतें फॉल्ट की पहुंची। लोग दो से तीन घंटे अंधेरे में रहे। बारिश के कारण इंसुलेटर बस्र्ट होने व लाइनों में फॉल्ट आए।
इन सिस्टम की वजह से बरसा पानी
- जम्मू कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। उत्तर पाकिस्तान के पास है। दक्षिण पश्चिम राजस्थान के पास चक्रवातीय घेरा बना हुआ है।
- उत्तर भारत में वायुमंडल में 12 किलोमीटर ऊपर 250 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से जेट स्ट्रीम हवा चल रही है। इस हवा के असर घना कोहरा छाएगा।
- अरब सागर से पंजाब तक ट्रफ लाइन बनी है। इस ट्रफ लाइन की वजह से अरब सागर से नमी आ रही है।
- 30 जनवरी को नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है।
- इन सभी कारणों से शहर में बारिश हुई और सर्दी बढ़ी है।
एक्सपर्ट
ग्वालियर चंबल संभाग में बारिश जारी रहेगी। ग्वालियर चंबल संभाग में ओलावृष्टि, गरज-चमक का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। कोहरा भी छाएगा।
अरुन शर्मा, मौसम वैज्ञानिक