ग्वालियर

सेहत के लिए हानिकारक हो सकता ह ठेलों पर बिक रहा मिलावटी सत्तू

सत्तू में 80 फीसदी होना चाहिए चना, लेकिन गेहूं पीसकर उसमें मिला रहे पीला रंग

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Jun 04, 2023
सेहत के लिए हानिकारक हो सकता ह ठेलों पर बिक रहा मिलावटी सत्तू

ग्वालियर. लू और तेज गर्मी से बचने के लिए सत्तू का उपयोग किया जाता है। लेकिन बाजार में ठेलों पर बिकने वाला सत्तू सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। इसकी वजह उसमें मिलाया गया हानिकारक पीला रंग है। यही कारण है कि बाजार में बिकने वाले सत्तू के दाम भी अलग-अलग हैं। अच्छे सत्तू के दाम 140 से 150 रुपए किलो हैं, वहीं मिलावटी सत्तू के दाम 80 से 120 रुपए किलो तक हैं। बाजार में बड़ी मात्रा में मिलावटी सत्तू की बिक्री की जा रही है, लेकिन फूड विभाग के अमले को इसकी जांच करने की फुर्सत नहीं है।
ऐसे पहचानें मिलावटी सत्तू को
केमिकल रंग वाले मिलावटी सत्तू की आप घर पर भी पहचान कर सकते हैं। इसके लिए बाजार से खरीदकर लाए गए सत्तू को छलनी से छानना होगा। छानने के बाद उसमें से निकली गेहूं की चोकर पर यदि पीला रंग चढ़ा दिखाई दे तो समझ जाइए कि वह पीला रंग केमिकल वाला रंग है। असली सत्तू में भूरा रंग दिखाई देता है।
इसलिए तेज गर्मी में फायदेमंद है सत्तू
तेज गर्मी और लू के दौरान सत्तू कारगर साबित होता है। रोजाना सत्तू को पीने से शरीर को आयरन, सोडियम, फाइबर, प्रोटीन, मैग्नीशियम जैसे ढेरों पोषक तत्व मिलते हैं। साथ ही शरीर गर्मी के प्रभाव से भी बचा रहता है। आमतौर पर सत्तू को पानी में घोलकर शरबत बनाकर पीया जाता है। सत्तू की देसी कोल्ड ड्रिंक के रूप में भी पहचान है और यह पेट को ठंडा रखता है। इसे पीने के बाद लंबे समय तक भूख नहीं लगती और पाचन क्रिया दुरुस्त रहती है। तेज गर्मी के दौरान कई लोग सत्तू को रोजाना की डाइट में शामिल कर लेते हैं।

ये भी अंतर
-असली सत्तू में 20 फीसदी गेहूं, 10 फीसदी जौ और 70 फीसदी चना मिला होता है।
-मिलावटी सत्तू में 80 फीसदी पीला रंग किया हुआ गेहूं और केवल 20 फीसदी चना होता है।

हमारी टीम इस पर कार्रवाई करेगी
यदि सत्तू को इस तरह से केमिकल वाला रंग मिलाकर बेचा जा रहा है तो यह बिल्कुल गलत है। आमतौर पर लोग गर्मी के लिए सत्तू का उपयोग करते हैं। यदि ऐसा कहीं भी किया जा रहा है तो हमारी टीम इस पर कार्रवाई करेगी।

लोकेंद्र सिंह, फूड अधिकारी
किडनी और लीवर को नुकसान हो सकता है
बाजार में यदि इस तरह का सत्तू बिक रहा है तो उसके खाने से पेट केे विकार हो सकते हैं। साथ ही किडनी और लीवर को भी नुकसान हो सकता है। इसलिए केमिकल वाले रंग के सत्तू को खाने से बचना चाहिए।
डॉ.संजय धवले, फिजीशियन

Published on:
04 Jun 2023 06:11 pm
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