
gwalior rail line- demo pic
Railway- पूरा मध्यप्रदेश इन दिनों भीषण गर्मी से जूझ रहा है। ग्वालियर भी इससे अछूता नहीं है। तापमान बढ़ने के साथ ही रेल पटरियों को भी खतरा उत्पन्न हो गया है जिसे देखते हुए रेलवे ने भी सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए हैं। गर्मी के कारण रेल पटरियों में फैलाव और टेढ़ापन आने का खतरा बढ़ जाता है, जिसे देखते हुए रेलवे प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। संभावित हादसों को रोकने के लिए हर 2 किलोमीटर पर कर्मचारियों की तैनाती की गई है और कंट्रोल रूम को भी सक्रिय कर दिया गया है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अत्यधिक तापमान में पटरियां फैलने लगती हैं, जिससे ट्रैक में बदलाव आ सकता है। ऐसी स्थिति में तेज स्पीड से गुजरने वाली ट्रेनों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा वेल्डिंग पॉइंट्स के कमजोर होने या टूटने की आशंका भी बनी रहती है। रेल संचालन के लिए यह गंभीर जोखिम पैदा कर सकती है।
खतरे को देखते हुए रेलवे ट्रैक की लगातार निगरानी की जा रही है। रेलवे ने खास तौर पर गर्डर, पुल और ट्रैक के मोड़ों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। इन संवेदनशील स्थानों पर नियमित जांच की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को समय रहते पकड़ा जा सके। इसको लेकर इन दिनों ग्वालियर और आसपास विशेष रूप से काम शुरू हो गया है।
भीषण गर्मी में ज्यादा तापमान में रेल पटरियां फैल जाती हैं जिससे तेज रफ़्तार से गुजरने वाली ट्रेनों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में तैनात कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यदि कहीं भी पटरी में जरा सा भी बदलाव या असामान्यता दिखाई दे तो तुरंत दोनों ओर लाल झंडी लगाकर ट्रेनों को रोक लें। इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी जाए।
गर्मी के मौसम में इस तरह की निगरानी व्यवस्था से दुर्घटनाओं की आशंकाओं को खत्म किया जा सकता है
झांसी मंडल के पीआरओ मनोज कुमार सिंह बताते हैं कि गर्मी के मौसम में इस तरह की निगरानी व्यवस्था से दुर्घटनाओं की आशंकाओं को खत्म किया जा सकता है। वहीं तेज गर्मी में तापमान बढऩेे से पटरियां फैल जाती हैं, इसे लेकर पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है और हर घंटे निगरानी कराई जा रही है।
Updated on:
27 Apr 2026 12:14 pm
Published on:
27 Apr 2026 12:14 pm
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