ग्वालियर. खरगोन के रास्ते देसी हथियारों की तस्करी का खेल फिर सामने आया है। दो नंबर की 6 पिस्टल और 11 मैग्जीन लाए दो तस्कर पुलिस के हाथ आए हैं। इनमें एक तस्कर हथियारों की तस्करी का पुराना खिलाडी है। खरगोन के रास्ते से तीसरी बार हथियार लाया है। अब उन लोगों के नाम भी […]
ग्वालियर. खरगोन के रास्ते देसी हथियारों की तस्करी का खेल फिर सामने आया है। दो नंबर की 6 पिस्टल और 11 मैग्जीन लाए दो तस्कर पुलिस के हाथ आए हैं। इनमें एक तस्कर हथियारों की तस्करी का पुराना खिलाडी है। खरगोन के रास्ते से तीसरी बार हथियार लाया है। अब उन लोगों के नाम भी गिना रहा जिन्हें पिछले फेरे में देसी पिस्टल, रिवाल्वर बेच चुका है। तस्कर खुलासा कर रहे हैं उनके शौक महंगे हैं। उन्हें पूरा करने के लिए हथियार तस्करी का धंधा चुना है।
32 बोर की 6 देसी पिस्टल की खेप के साथ शिवम (21) पुत्र श्रीनिवास तिवारी निवासी गोपालपुरा, मुरैना और अंकित (22) सेवाराम शर्मा पलपुरा बसई निवासी मुरैना पकड़े गए हैं। तस्कर बता रहे हैं यह हथियार खरगोन के भीखनगांव में जैकी सरदार से खरीदे हैं। इनकी डिलेवरी ग्वालियर और मुरैना में करना थी। खरीदारों से आर्डर लेने के बाद दोनों बाइक से खरगोन गए थे।
पुलिस का कहना है शिवम तिवारी दो बार पहले भी खरगोन से हथियार लाकर बेच चुका है। उसे धंधे के सारे हथकंडे पता हैं। उसके साथ अंकित शर्मा पहली बार धंधे में उतरा है। शिवम पर आगरा में लूट के अलावा मारपीट के अपराध भी हैं। जैकी सरदार ने इन्हें 12 हजार रुपए नग के हिसाब से पिस्टल बेची हैं। यहां खरीदारों को दोनों 40 से 45 हजार रुपए में पिस्टल बेचने वाले थे।
तस्कर शिवम और अंकित खुलासा कर रहे हैं ट्रेन और बस में पुलिस चैङ्क्षकग का अंदेशा रहता है। इसलिए दोनों बाइक से खरगोन गए थे। पहले ओंकालेश्वर महादेव के दर्शन किए। फिर खरगोन जाकर हथियार लिए पूरे रास्ते में कहीं पुलिस नहीं मिली। ग्वालियर से मुरैन जाने के लिए बेहटा पुल के पास कच्चे रास्ते से जाने का प्लान था।
पुलिस का कहना है शिवम तिवारी इससे पहले दो बार खरगोन से हथियार लाकर बेच चुका है। उसने पांच लोगों को हथियार बेचने बताया है। अब अवैध हथियारों के खरीदारों को भी ढूंढा जाएगा। इन लोगों से पता चलेगा इन हथियारों के बूते पर कितने अपराध किए हैं।