
सार्वजनिक जीवन में संवाद की मर्यादा धीरे-धीरे क्षीण होती जा रही है।
ग्वालियर. प्रदेश सरकार ने कॉलेज के विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख और नई तकनीक आधारित शिक्षा से जोडऩे के लिए बड़ा फैसला लिया है। उच्च शिक्षा विभाग ने निर्देश जारी कर दिए हैं कि प्रदेश के सभी शासकीय और अशासकीय कॉलेजों में अध्ययनरत प्रत्येक विद्यार्थी को भारत सरकार के स्वयं पोर्टल पर कम से कम एक ऑनलाइन कोर्स में पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, विशेषज्ञों द्वारा तैयार और रोजगार से जुड़ी पढ़ाई एक ही मंच पर उपलब्ध कराना है। यह पोर्टल देशभर के प्रतिष्ठित संस्थानों और विशेषज्ञों द्वारा तैयार उच्चस्तरीय कोर्स नि:शुल्क उपलब्ध कराता है, जिससे छात्र अपनी नियमित पढ़ाई के साथ अतिरिक्त कौशल भी विकसित कर सकें।
2026 सत्र के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू
उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार वर्ष 2026 के लिए कोर्स पंजीयन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। छात्र अपनी रुचि, विषय या करियर विकल्प के अनुसार कोर्स चुनकर ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं। स्वयं पोर्टल पर इंजीनियङ्क्षरग, मानविकी, वाणिज्य, विज्ञान, प्रबंधन, आईटी और कौशल विकास से जुड़े अनेक कोर्स उपलब्ध हैं।
रोजगार से जोडऩे पर फोकस
विभाग का मानना है कि डिजिटल और तकनीकी युग में पारंपरिक पढ़ाई के साथ ऑनलाइन लर्निंग को जोडऩा आवश्यक है। इससे विद्यार्थियों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी और उन्हें राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों से सीखने का अवसर मिलेगा। कॉलेज प्रबंधन को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे छात्रों को पोर्टल पर पंजीयन के लिए प्रेरित करें और इसकी मॉनिटङ्क्षरग सुनिश्चित करें।
छात्रों के लिए अवसर
मुफ्त ऑनलाइन कोर्स, राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों से पढ़ाई, लचीला समय, घर से अध्ययन, प्रमाणपत्र का लाभ। सरकार का मानना है कि यह पहल विद्यार्थियों को नई शिक्षा नीति के अनुरूप डिजिटल और कौशल आधारित शिक्षा से जोडऩे में महत्वपूर्ण साबित होगी।
Updated on:
16 Feb 2026 06:42 pm
Published on:
16 Feb 2026 06:41 pm
बड़ी खबरें
View Allग्वालियर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
