
Gwalior High Court: मध्य प्रदेश के ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में बाबा साहेब आंबेडकर की प्रतिमा को लेकर चल रहा विवाद (Ambedkar Statue Dispute) राजनीतिक रंग लेने लगा है। अब भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी भी प्रतिमा लगाने की मांग को लेकर मैदान में उतर आई हैं। उधर वकीलों के बीच से शुरू हुए विवाद में राजनीतिक दलों के शामिल होने से पुलिस और प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। गुरुवार को दोनों दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपनी मांग को लेकर मानस भवन (फूलबाग) से कलेक्ट्रेट तक रैली निकालने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें मानस भवन से निकलते ही रोक लिया गया।
इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स पर चढ़कर निकलने का प्रयास भी किया लेकिन नाकाम रहे। कुछ देर तक नारेबाजी और जद्दोजहद के बाद प्रदर्शनकारियों ने भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील बैरसिया की अगुवाई में वहीं एडीएम अतुल सिंह को ज्ञापन सौंपा। आईजी अरविंद सक्सेना और एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव भी गुरुवार सुबह से पुलिस कंट्रोल के सभागार में पहुंच कर प्रदर्शन पर नजर रखे रहे।
हाईकोर्ट रोड को दोनों ओर से बंद रखा गया। ट्रैफिक को सचिन तेंदुलकर मार्ग की ओर मोड़ दिया। दोपहर तीन बजे तक मार्ग बंद रहा। इससे लोगों को परेशान होना पड़ा है। वहीं दूसरी ओर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रतिमा के लिए बनाए गए पेडस्टल पर लगे राष्ट्रध्वज के सामने दोपहर में राष्ट्रगान किया। भीम आर्मी के ऐलान को देखते हुए परिसर में वकीलों की संया अधिक रही। वहीं दूसरी ओर बहुजन समाज पार्टी भी प्रतिमा लगाने की मांग को लेकर जापन सौंपगी। इसकी सूचना अपर कलेक्टर के यहां दी है। दरअसल हाईकोर्ट में डॉ बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा लगाई जा रही है।
प्रतिमा का हाईकोर्ट बार एसोसिएशन विरोध कर रही है। इसके विरोध में भीम आर्मी खड़ी हो गई है। साथ ही प्रतिमा के समर्थन में वकील भी आ गए हैं। पिछले एक हते से वकील, सामाजिक संगठन, राजनीतिक पार्टी आमने सामने है। बार की चीफ जस्टिस के साथ भी बैठक हो चुकी है। जिसमें नए चीफ जस्टिस पर प्रतिमा का फैसला छोड़ा गया है। इसी बीच भीम आर्मी ने प्रतिमा को लगाए जाने के लिए वीडियो जारी किया। इस कारण हाईकोर्ट की सुरक्षा बढ़ाई गई।