
ग्वालियर. आधार… हर सरकारी और जरूरी काम की चाबी। लेकिन यही चाबी इन दिनों सॉफ्टवेयर की एक अड़चन में फंस गई है। यूनिवर्सल क्लाइंट का नया वर्जन अपडेट नहीं होने से आधार से जुड़े कई जरूरी काम 12 दिन से अटके पड़े हैं। जन्मतिथि में सुधार हो या 5 से 15 साल की उम्र के बच्चों का अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट—लोग डाकघरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन काम नहीं हो पा रहा।
बढ़ी परेशानी…
शहर के महाराज बाड़ा स्थित डाकघर समेत दूसरे डाकघरों में 1 सितंबर से ही परेशानी बनी हुई है। रोजाना 100 से अधिक लोग आधार अपडेट की उम्मीद लेकर पहुंच रहे हैं। घंटों इंतजार के बाद जब काम नहीं होता तो उन्हें मायूस लौटना पड़ता है। किसी को बच्चे का बायोमेट्रिक अपडेट कराना है, तो किसी को जन्मतिथि में सुधार, लेकिन सिस्टम की अड़चन ने सबकी परेशानी बढ़ा दी है।
पांच और 15 साल में बायोमेट्रिक अपडेट जरूरी…
बच्चों के आधार में बायोमेट्रिक अपडेट दो चरणों में अनिवार्य है। पहला 5 वर्ष की उम्र पूरी होने पर और दूसरा 15 वर्ष की उम्र में। समय पर अपडेट नहीं होने पर आगे दस्तावेजी कामों में अड़चन आ सकती है। नीट, जेईई, सीयूईटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के फॉर्म भरने से लेकर छात्रवृत्ति और नए दस्तावेज बनवाने तक में आधार की जरूरत पड़ती है। ऐसे में बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट अटकने से अभिभावकों की ङ्क्षचता भी बढ़ रही है।
दिखवाता हूं…
वैसे तो सभी डाकघरों में आधार अपडेशन और बनाने का कार्य जारी है। फिर भी यदि आप बता रहे हैं कि इस तरह की समस्या आ रही है तो मैं इसे दिखवाता हूं।
एके सिंह, प्रवर अधीक्षक, डाक विभाग