बिटिया @ work :पापा के ऑफिस पहुंच बेटियों ने समझा कार्य करने का तरीका
ग्वालियर। पिता की लाडली,मां की दुलारी बिटिया को आज मौका मिलेगा उनकी वर्कप्लेस में बैठकर काम कर करने का। बेटी फाइलें चैक करेंगी और बिजनेस के दांवपेच सीखेंगी। पत्रिका के 'बिटिया एट वर्क' कैम्पेन के तहत गुरुवार को शहर के वर्किंग पर्सन अपनी 8 से 19 साल तक की बेटी को अपने कार्यालय में लेकर आए जहां उन्हें काम करने के तौर तरीके को बताया गया। यह उनके लिए बेहतर अनुभव था। तो आइए हम आपको बताते है कि कौन-कौन लोग बेटी को लेकर अपने कार्यालय में पहुंचा।
पिता की लाडली
पिता का नाम - संजीव वर्मा
बेटी का नाम- निधि वर्मा
दुकान- वर्मा रिप्रोग्राफिक्स बजरिया
कक्षा 10 में अध्ययनरत 15 साल की बेटी निधि भी अपने पिता की लाडली है।वो अक्सर पिता के साथ दुकान पर पहुंचती है तथा पिता का हाथ बंटाती है, पिता से कारोबार के गुन भी सीखती है।
पिता के कारोबार से लगाव
पिता का नाम -मधुर जैन
बेटी का नाम -सुभि जैन
दुकान - मधुर ज्वैलर्ससर्राफा बाजार
कक्षा 6 में अध्ययनरत 11 साल की सुभि को अपने पिता के कारोबार से बेहद लगाव है। अक्सर वह पिता के पास दुकान पर आकर टिप्स सीखती है। उसकी इच्छा सफल व्यवसासी बनने की है।
बेटिया को देते हैं कारोबार के टिप्स
पिता - राजू त्रिपाठी
बेटी - राधा त्रिपाठी
दुकान - ऑटो पार्ट लहार
कक्षा 9 में पढऩे वाली 13 साल की बिटिया राधा से राजू त्रिपाठी को बेहद लगाव है। अक्सर वे अपनी बिटिया को लेकर दुकान पर आते है तथा बिटिया को कारोबार के टिप्स सिखाते हैं।
कारोबार करने में है रुचि
पिता मनीष दुबे
बेटी पलक दुबे
दुकान साई रेफ्रीजेशन व्यापार मंडल धर्मशाला
कक्षा 6 में अध्ययनरत 11 वर्षीय बेटी पलक भी अपने पिता से व्यवसाय की बारीकियां सीख रही है। अक्सर स्कूल से छूटने के बाद वह दुकान पर पहुंच जाती है।
पिता का नाम- राहुल यादव
बेटी का नाम- रिद्धी, अर्पिता यादव
दुकान - यादव रोडलाइन्स
रिद्धी और अर्पिता को भी अपने पिता से बहुत प्यार है। दोनो अक्सर उनके साथ दुकान पर आकर काम के बारे में जानकारी लेती है। रिद्धी सरकारी अफसर बनना चाहती है तो अर्पिता इंजीनियर बनना चाहती है।