ग्वालियर

800 मीटर दूर थी पुलिस फिर भी 16 सेकंड में हत्या करके कैश लूटकर भागे बदमाश

बदमाशों ने पूरे प्लान के साथ दिया वारदात को अंजाम
2 min read
Jul 07, 2019
cash loot and murder in gwalior
800 मीटर दूर थी पुलिस फिर भी 16 सेकंड में हत्या करके कैश लूटकर भागे बदमाश

ग्वालियर. मात्र 800 मीटर दूर चिरवाई नाके पर पुलिस की मौजूदगी के बाद भी बदमाश कैशवैन के गार्ड की हत्या कर 16 सेकंड में 8.28 लाख रुपया लेकर भाग गए लेकिन पुलिस को भनक तक नहीं लगी। जब लोगों ने फोन करके बताया तबपुलिस मौके पर पहुंची। अगर पुलिस सक्रिय होती तो बदमाश वारदात करने की हिम्मत नहीं कर पाते। बदमाश इस बात से वाकिफ थे कि चिरवाई नाके पर तैनात डायल 100 में मौजूद पुलिसकर्मी आराम फरमा रहे होंगे।

वारदात के बाद प्रभारी एसपी अमनसिंह राठौर, एएसपी पंकज पांडेय, सतेन्द्र तोमर कई थानों के टीआई के अलावा क्राइम ब्रांच की टीम सहित पूरा का कुनबा मौके पर पहुंच गया। अधिकांश पुलिसकर्मी सिर्फ घटनास्थल के आस-पास ही घूमकर फुटेज तलाशते रहे। बदमाशों की घेराबंदी के प्रयास तुरंत किए जाते तो शायद वे पुलिस गिरफ्त में होते ?


रैकी के बाद हत्या और लूट

वारदात के तरीके से पुलिस अनुमान लगा रही है कि बदमाशों ने पूरी रैकी के बाद वारदात को अंजाम दिया है। हो सकता है वह पटेलनगर से ही पीछे लगे हुए हो। चूंकि विनयनगर और प्रेम मोटर्स के यहां उन्होंने इसलिए वारदात नहीं की हो कि उन्हे ंपता था कि उस समय उनके पास ज्यादा कैश नहीं है। इसलिए शिवपुरी लिंक रोड पर जब तीसरी जगह से कैश कलेक्ट हो गया। तब उन्होंने वारदात को अंजाम दिया। वह दूर खड़े होकर निगरानी भी रखे होंगे। जैसे ही कैशियर कैश लेकर बाहर आया उन्होंने अपनी बाइक कैश वैन की तरफ बढ़ाई होगी। पुलिस शहर के बाकी कैमरों को भी चेक कर रही है।

loot and murder in gwalior" src="https://new-img.patrika.com/upload/2019/07/07/cashier_4804695-m.jpg">

मेरे सामने गार्ड को मारी गोली , तो मैं जान बचाकर भागा
मैं कैश लेकर वैन में बैठ पाया था कि बदमाशों ने हमला कर दिया। उन्होंने बिना कुछ कहे गार्ड को गोली मार दी। मैंने देखा तो जीप से उतरकर दौड़ लगा दी। रास्ते में कीचड़ में भी गिर पड़ा। बदमाश में मुझे भागते देखा तो मुझ पर भी पिस्टल तानी, लेकिन मैंने कीचड़ से उठकर ऑफिस के अंदर भागकर जान बचाई।
जैसा कि गोल पहाडिय़ा निवासी कैशियर रीतेश पचौरी ने पत्रिका को बताया

कहकरगए थे शाम को जल्दी आ जाऊंगा
गार्ड रमेश तोमर 10 साल से गार्ड की नौकरी कर रहे थे। उनकी पत्नी शांति देवी के अलावा दो बेटे कृपाल और दिलीप हैं। बेटी की शादी हो चुकी है। रिश्तेदारों ने बताया सुबह 9 बजे ड्यूटी के लिए निकले थे। पत्नी से कहा था शाम को घर जल्दी आ जाऊंगा लेकिन घर उनका शव पहुंचा।

पुलिस सुरक्षा पर सवाल

कैश वैन से लूट की तीसरी घटना

ऐसे हुई वारदात

Published on:
07 Jul 2019 01:09 pm