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सिंध नदी में मानसून ब्रेक, 3 महीने डंप के भरोसे रेत, डंपर-ट्रॉली पर बढ़े दाम

सिंध नदी में एनजीटी के नियमों के तहत 30 जून से रेत खनन पर पूरी तरह रोक लग गई है। आगामी 30 सितंबर तक नदी से रेत निकालने पर प्रतिबंध रहेगा, जिसके चलते अब शहर में रेत की आपूर्ति केवल डंप स्टॉक से ही की जाएगी। मानसून सीजन के शुरू होते ही रेत के दामों में उछाल आ गया है। बाजार में डंपर पर सीधे 5000 रुपए और ट्रॉली पर 2000 रुपए तक की बढ़ोतरी की गई है। इस सीजन में सबसे ज्यादा निर्माण होते हैं।
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अलग-अलग स्थानों पर रेत डंप (स्टॉक)

ग्वालियर. सिंध नदी में एनजीटी के नियमों के तहत 30 जून से रेत खनन पर पूरी तरह रोक लग गई है। आगामी 30 सितंबर तक नदी से रेत निकालने पर प्रतिबंध रहेगा, जिसके चलते अब शहर में रेत की आपूर्ति केवल डंप स्टॉक से ही की जाएगी। मानसून सीजन के शुरू होते ही रेत के दामों में उछाल आ गया है। बाजार में डंपर पर सीधे 5000 रुपए और ट्रॉली पर 2000 रुपए तक की बढ़ोतरी की गई है। इस सीजन में सबसे ज्यादा निर्माण होते हैं। इसके चलते निर्माण का खर्च बढ़ गया है, इसका सीधा असर आम आदमी पर पड़ा है। खनिज विभाग न तो रेट बढ़ने की इस मनमानी पर रोक लगा पा रहा है और न ही उन्हें अवैध ढेर नजर आ रहे। खनिज विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, जिले में फिलहाल 22 हजार घनमीटर रेत का स्टॉक मौजूद है। गणितीय आकलन के हिसाब से इस स्टॉक से 10 चक्का वाले करीब 1833 डंपर ही भरे जा सकते हैं। ऐसे में आगामी तीन महीनों तक निर्माण कार्यों के लिए शहरवासियों को इसी डंप की रेत के भरोसे रहना होगा। नदी से टीपी (ट्रांसपोर्ट परमिटि) भी बंद है। इसके अलावा बारिश के देखते हुए नदी किनारे के गावों ने रेत का डंप लगा लिए हैं, जिससे रेत लेकर आ रहे हैं। ऐसे डंप से जो रेत आ रही है, उसकी जांच नहीं की जा रही है।

जिले में सिर्फ 6 स्वीकृतियां; अन्य जगहों पर मिला भंडार तो होगा अवैध
-रेत ठेकेदार को जिले में पांच अलग-अलग स्थानों पर रेत डंप (स्टॉक) करने की वैध अनुमति दी गई है। इसके अतिरिक्त ग्रीन -फील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण कर रही निर्माण कंपनी को भी विकास कार्य के लिए एक स्थान पर रेत डंप करने की विशेष अनुमति मिली है।
-क्रेशर संचालकों को भी बिङ्क्षल्डग मटेरियल एकत्रित करने की अनुमति है।
-शहर में छोटे-छोटे डंप से रेत बेची जा रही है। यहां से वह लोग रेत ले रहे हैं, जिनका छोटा निर्माण है।

बारिश का इंतजार, चोर रास्तों से अभी भी आ रही
एक तरफ जहां प्रशासन ने खदानों के मुख्य रास्ते बंद कर दिए हैं, वहीं दूसरी तरफ चोर रास्तों से रेत का अवैध खेल अभी भी जारी है। चूंकि फिलहाल अंचल में भारी बारिश नहीं हुई है और नदी में पानी का जलस्तर बहुत ज्यादा नहीं बढ़ा है, इसी का फायदा उठाकर रेत माफिया रात के अंधेरे में चोर रास्तों से नदी में उतर रहे हैं और अवैध रूप से रेत निकालकर खपा रहे हैं। विभाग का दावा है कि जल्द ही निगरानी बढ़ाकर इस पर पूरी तरह नकेल कसी जाएगी।

अवैध परिवहन पर की जाएगी कार्रवाई
नदी से खनन बंद करने के लिए रास्ते बंद कर दिए हैं। 22 हजार घनमीटर रेत का डंप लगा है। रेत का कोई वाहन गलत परिवहन करते पाया गया, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
घनश्याम यादव, जिला खनिज अधिकारी