Coronavirus Symptoms: ठंड बढ़ने से गले में खराश, सर्दी जुखाम के मरीज बढ़े, दिन और रात के तापमान में कई दिनों से आ रहे अंतर से लोग वायरल इन्फेक्शन से पीडि़त होने लगे है। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। वायरल के साथ सर्दी, खांसी और बुखार के लक्षण तेजी से बने हुए है...
coronavirus Symptoms: दिन और रात के तापमान में कई दिनों से आ रहे अंतर से लोग वायरल इन्फेक्शन से पीडि़त होने लगे है। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। वायरल के साथ सर्दी, खांसी और बुखार के लक्षण तेजी से बने हुए है। इसमें हर उम्र के लोग शामिल है। हालात यह हो गए है कि इन दिनों ओपीडी में भी इन्ही मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। यह बुखार तीन दिनों तक अगर बना हुआ है तो, इसे हल्के में न ले। डॉक्टर से संपर्क करके अपनी बीमारी को बताए। यह कोरोना भी हो सकता है। प्रदेश के कई शहरों में अब कोरोना के मरीज मिलने लगे है। ऐसे में यह बीमारी घातक भी हो सकती है।
25 फीसदी तक बढ़े मरीज
बदलते मौसम में थोड़ी सी लापरवाही से लोग मुसीबत में पड़ रहे है। पिछले कुछ दिनों से तेजी से बदले तापमान से 25 फीसदी तक मरीज इन्ही बीमारी से पीडि़त होकर ओपीडी में पहुंच रहे है। इसमें बच्चों के साथ बड़े भी परेशान हो रहे है। इसमें खास बात यह है कि परिवार के एक के साथ कई लोग चपेट में आ रहे है। डॉक्टरों की सलाह माने तो ऐसे मरीजों से दूर रहना काफी आवश्यक है।
ऐसे करें बचाव
- घर में अगर किसी सदस्य को सर्दी, खांसी या सांस लेने में परेशानी आ रही है तो परिवार के दूसरे लोग को इससे बचना होगा।
- मास्क का इस्तेमाल जरूर करें।
- बीमारी से बचाव के लिए ताजा खाना खाए।
- जहां तक हो सके गुनगुना पानी ही पिए।
- किसी भी ठंडी चीज खाने से परहेज करे।
- ठंडी हवाओं से बचाव करें।
सतर्क रहें
सर्दी के दिनों में खासतौर से बुजुर्ग के साथ किडनी, हार्ट अटैक के मरीजों को विशेष सावधानी की जरूरत है। ऐसे लोगों को विशेष रूप से नियमित दवाओं के साथ अपनी देखरेख करना चाहिए। ऐसे लोगों को सर्दी से विशेष रूप से बचने की आवश्यकता है।
इनका कहना है
वायरल इन्फेशन इन दिनों तेजी से हो रहा है। इसमें तीन दिन तक अगर लगातार बुखार के साथ सर्दी, खांसी बनी हुई है तो डॉक्टर से संपर्क करें। यह दिन और रात में आ रहे बदलाव के चलते हो रहा है। वहीं बुजुर्ग और डायविटीज के मरीजों को इस सीजन में बचने की जरूरतत है।
- डॉ. अजयपाल सिंह, मेडिसिन विभाग