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सरकारी कर्मचारियों को अगले ’30 दिन’ नहीं मिलेगी छुट्टी, ग्वालियर में आदेश जारी

MP News: आदेश में कहा गया है कि केवल विशेष परिस्थितियों में ही अवकाश पर विचार किया जाएगा, वह भी कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी की पूर्व अनुमति के बाद।

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Government employees leave

Government employees leave (Photo Source - Patrika)

MP News: भारत की जनगणना-2027 के तहत होने वाले मकान सूचीकरण और मकानों की गणना कार्य को लेकर जिले में शासकीय अमले की छुट्टियों पर रोक लगा दी गई है। कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी रुचिका चौहान ने एक मई से 30 मई 2026 तक सभी प्रकार के अवकाश पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं।

आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। प्रशासन के अनुसार जनगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्य है, इसलिए इसे सर्वोच्च प्राथमिकता से समय-सीमा में पूरा कराने के लिए यह निर्णय लिया गया है। आदेश के तहत इस अवधि में सामान्य परिस्थितियों में अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश स्वीकृत नहीं किए जाएंगे। सभी विभाग प्रमुखों, कार्यालय प्रमुखों और प्रभारी अधिकारियों को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।

बिना अनुमति अवकाश स्वीकृत नहीं

आदेश में कहा गया है कि केवल विशेष परिस्थितियों में ही अवकाश पर विचार किया जाएगा, वह भी कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी की पूर्व अनुमति के बाद। बिना अनुमति कोई अवकाश स्वीकृत नहीं होगा। प्रशासन ने सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए मकान सूचीकरण एवं गणना कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

भोपाल में भी छुट्टी कैंसिल

इससे पहले भोपाल शहर में भी अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश निरस्त कर दिए गए हैं। जानकारी के लिए बता दें कि बीते दिन कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने यह आदेश जारी किए हैं। जारी किया गया आदेश उन कर्मचारियों और अधिकारियों पर लागू होगा जिनकी ड्यूटी जनगणना में लगाई गई है। 1 मई से जनगणना के तहत मकान सूचीकरण और उनकी गिनती होना है, जो 30 मई तक चलेगा। इस कार्य में भोपाल के 6 हजार से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इन लोगों को लिए ही आदेश जारी किया गया है।

30 अप्रैल तक घर बैठे भरें फैमिली डिटेल

जनगणना 2027 के प्रथम चरण 'मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना' के लिए स्व-गणना की सुविधा 16 अप्रैल से शुरु हो चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने खुद सीएम निवास पर स्व-गणना पोर्टल पर जनगणना का शुभारंभ था। इसके तहत प्रदेश के नागरिक खुद ही ऑनलाइन माध्यम से अपने परिवार का विवरण दर्ज कर सकेंगे। आपको बता दें कि, ये स्वगणना का काम 30 अप्रैल तक चलेगा। इस बार की जनगणना डिजिटल और आधुनिक तकनीक के साथ की जा रही है। प्रदेशवासियों को इसमें पूर्ण निष्ठा और सत्यता के साथ भाग लेने की जरूरत है। ये जनगणना हमारे बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।