जीवाजी विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट हॉस्टल में सीनियर द्वारा जूनियर छात्र की बीच रैगिंग व मारपीट की घटना के बाद शुक्रवार को छात्रों के कथन दर्ज कराए गए। इस दौरान सात छात्रों ने मारपीट और रैगिंग न करने की बात कही। प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने पीडि़त और सभी छात्रों के कथन को दर्ज करते हुए अब शनिवार […]
जीवाजी विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट हॉस्टल में सीनियर द्वारा जूनियर छात्र की बीच रैगिंग व मारपीट की घटना के बाद शुक्रवार को छात्रों के कथन दर्ज कराए गए। इस दौरान सात छात्रों ने मारपीट और रैगिंग न करने की बात कही। प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने पीडि़त और सभी छात्रों के कथन को दर्ज करते हुए अब शनिवार को एंटी रैगिंग कमेटी के सामने रखा जाएगा और उसके बाद ही छात्रों पर कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा। इधर, शुकवार को बीफार्मा फ्रोर्थ ईयर के छात्र आशुतोष ने प्रॉक्टोरियल बोर्ड को शिकायत दर्ज कराई की लॉ और फार्मेसी विभाग के तृतीय व चतुर्थ वर्ष के छात्र हॉस्टल में उससे आए दिन मारपीट व रैगिंग करते है और हॉस्टल में नशा भी करते है। जिसे बोर्ड ने दर्ज करते हुए कुलगुरु को अवगत कराया और शनिवार को इस मामले में पीडि़त और हॉस्टल के छात्रों को बुलाया जाएगा। शुक्रवार को दोपहर 12 बजे प्रॉक्टर प्रो. एसके सिंह, सदस्य नवनीत गरुड़, रामशंकर, निमिषा जादौन, चीफ वार्डन प्रो. राधा तोमर और आर्यभट्ट हॉस्टल के वार्डन प्रभारी प्रो गणेश दुबे के सामने पीडि़त व मारपीट करने वाले छात्र पहुंचे और बारी-बारी से अपनी बात रखते हुए बताया कि उन्होंने किसी भी प्रकार की मारपीट और रैगिंग नहीं की है और न ही वह इस तरह की घटनाओं में शामिल रहे हैं। वहीं एक सीनियर छात्र ने जूनियर पर मारपीट व रैगिंग के आरोप लगाए है।
लॉ और फार्मेसी विभाग में सबसे अधिक घटनाएं
जीवाजी विवि और प्रॉक्टोरियल बोर्ड के रिकॉर्ड में दर्ज शिकायतों को देखा जाए तो अब तक सबसे अधिक घटनाएं फार्मेसी, लॉ डिपार्टमेंट और हॉस्टल में हुई है। इसमें फार्मेसी संस्थान और आर्यभट्ट हॉस्टल वार्डन प्रो. सपन पटेल और लॉ विभाग के एचओडी व हॉस्टल वार्डन प्रो. गणेश दुबे है।
लॉ और फार्मेसी विभाग में सबसे अधिक घटनाएंजीवाजी विवि और प्रॉक्टोरियल बोर्ड के रिकॉर्ड में दर्ज शिकायतों को देखा जाए तो अब तक सबसे अधिक घटनाएं फार्मेसी, लॉ डिपार्टमेंट और हॉस्टल में हुई है। इसमें फार्मेसी संस्थान और आर्यभट्ट हॉस्टल वार्डन प्रो. सपन पटेल और लॉ विभाग के एचओडी व हॉस्टल वार्डन प्रो. गणेश दुबे है।