हर्बल प्रोडक्ट सप्लाई करने के नाम पर विदेशी युवती ने ग्वालियर निवासी और छत्तीसगढ़ बिजली विभाग के इंजीनियर विजय कुमार शर्मा से ठगे 50 लाख। फेसबुक पर हुई थी विदेशी युवती डॉ. लौरा एलविस से दोस्ती।
मध्य प्रेदश के ग्वालियर में रहने वाले एक युवक को फेसबुक पर विदेशी युवती से दोस्ती करना भारी पड़ गया है। बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ बिजली विभाग से सेवानिवृत्त इंजीनियर विजय कुमार शर्मा ने फेसबुक पर एक विदेशी युवती से दोस्ती की थी। युवती ने एक साल पहले उनसे दोस्ती की, फिर अपनी मीठी मीठी बातों में फंसाकर उसे और उसके साथियों को कुल 50 लाख का फटका लगाया है।
पीड़ित युवक का कहना है कि उसे उसके साथ ठगी का अहसास उस समय हुआ, जब लगातार लाखों रुपए भेजने के बाद भी नई डिमांड के साथ हर बार उनसे पैसे मांगे जा रहे थे। जैसे ही उन्हें खुद के साथ ठगी होने की शंका हुई तो उन्होंने साइबर सेल पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज करवाई। उनकी शिकायत के आधार पर साइबर सेल ने जांच करके धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
आपको बता दें कि ग्वालियर शहर के विश्वविद्यालय थाना इलाके के अंतर्गत आने वाले कैलाश विहार के निवासी विजय कुमार शर्मा छत्तीसगढ़ के बिजली विभाग से सेवानिवृत्त इंजीनियर हैं। 2023 में फेसबुक पर उनकी पहचान डॉक्टर लौरा एलविस नाम की महिला से हुई। महिला ने उन्हें बताया कि वो इंग्लैंड की ईसीएचएम फार्मा कंपनी में काम करती है। उनकी कंपनी ओबेसिटी की एक दवाई तैयार करती है और इसमें एक हर्बल प्राडक्ट मिलाती है जो भारत समेत अन्य देशों में मिलता है।
विदेश में बैठी युवती ने विजय को लालच देते हुए कहा कि अगर वो चाहे तो वो ये आर्डर उसे दिला देगी, जिससे उसे काफी अच्छा मुनाफा होगा। युवती ने विजय से कहा कि वो उस हर्बल प्रोडक्ट के 10 पैकेट खरीदकर उनके फोटो उसे भेजे, जिसके बाद उसे फायदा होगा। बातों में आकर 80 हजार प्रति 100 ग्राम के हिसाब से उसने 8 लाख रुपए देकर कुल दस पैकेट खरीद लिए और फोटो युवती को भेज दिए।
इसके बाद उन्हें पचास पैकेट भेजने के लिए कहा गया, जिसके लिए 32 लाख रुपए की एफडी तुड़वा कर विजय ने और चालीस पैकेट खरीद कर भेज दिए साथ ही उनका फोटो भी भेज दिया। इसके बाद भुगतान से पहले करेंसी चेंज के नाम पर 3 लाख 33 हजार 800 रुपए उनके एकाउंट में भेजने की मांग की गई, जिसके बाद उसके खाते में डालर ट्रांसफर होंगे। ऐसे वो लोग उनसे लगातार पैसे की मांग करते रहे और कुल मिलाकर 49 लाख 28 हजार 175 रुपए की चपत लगा दी। लेकिन लगातार पैसों की डिमांड के बावजूद जब कोई रिटर्न नहीं आया तो विजय को शक हुआ, जिसके बाद उसने सायबर सेल में मामले की शिकायत दर्ज कराई।