
एमएफ के रास्ते स्टॉक मार्केट में एंट्री, 5 हजार की एसआईपी पर 6 महीने में 2400 तक मुनाफा - 90 हजार ग्वालियर के युवा बाजार में एक्टिव
ग्वालियर। पहली सैलरी से महंगा फोन, बाइक या गोवा ट्रिप… जेन-जी का यह पुराना फॉर्मूला आउट हो गया है। अब पहली कमाई का मतलब है- पहला एसआईपी। चाहे इंटर्नशिप हो, फ्रीलांसिंग हो या बिजनेस की पहली इनकम, जनरेशन-जेड का एक तय हिस्सा सीधे शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में जा रहा है। बदलाव की वजह साफ है- 5 मिनट में केवाईसी, एक क्लिक पर अकाउंट और 100 रुपए से एसआईपी। ऊपर से यूट्यूब, इंस्टा रील और फाइनेंस पॉडकास्ट ने जो फाइनेंशियल लिटरेसी दी है, उसने एफडी-आरडी वाली पीढ़ी से इस पीढ़ी को पूरी तरह अलग कर दिया है। एक्सपर्ट मानते हैं, कम उम्र में शुरुआत कंपाउंडिंग का सबसे बड़ा फायदा देती है, बस फिनफ्लुएंसर के चक्कर में पड़ना घाटे का सौदा है।
आंकड़े इसकी गवाही दे रहे हैं। ग्वालियर के करीब 90 हजार और मध्यप्रदेश के लगभग 20 लाख जेन-जी ने पिछले 6 महीने में बाजार से जोरदार रिटर्न निकाला है।
वेल्थ क्रिएशन पर फोकस
मेरा फोकस वेल्थ क्रिएशन पर है। वर्क फ्रॉम होम से समय और पैसा बचता है, जिसे एमएफ और मार्केट में लगाता हूं। टेक के जरिए युवा समझदारी से निवेश कर रहे हैं, यही तकनीक का सही इस्तेमाल है। लक्ष्य तय कर निवेश करें। मैंने एक साल में 25 फीसदी से ज्यादा रिटर्न कमाया है।
विवेक खंडेलवाल, एआई इंजीनियर
12 फीसदी का लाभ लिया
शौक बचपन से है, दादाजी को देखकर। मैं लॉन्ग टर्म और लार्जकैप में ही करता हूं, शॉर्ट टर्म-इंट्राडे और स्मॉलकैप से बचता हूं। इसमें रिस्क ज्यादा है। 6-8 महीने पहले लिया लार्जकैप फंड एकमुश्त में 12 फीसदी दे चुका है। सबको सलाह है, लॉन्ग टर्म सोचें तो रिस्क कम, मुनाफा ज्यादा।
हिमांशु छापरिया, बिजनेसमैन
एक्सपर्ट टिप
जेन-जी को जल्दी अमीर बनने की सोच नहीं, वेल्थ बिल्डिंग की सोच रखनी चाहिए। निवेश से पहले 6 महीने का इमरजेंसी फंड और हेल्थ इंश्योरेंस जरूरी है। निवेश सोशल मीडिया देखकर नहीं, अपनी जरूरत और रिस्क के हिसाब से करें।
निखिल सिंघल, फाइनेंशियल एक्सपर्ट