ग्वालियर

सुपर स्पेशलिटी अस्पताल: जीआरएमसी में अब BARIATRIC और ROBOTIC सर्जरी से घटेगा मोटापा

सुपर स्पेशलिटी अस्पताल: जीआरएमसी में अब बैरीयाट्रिक और रोबोटिक सर्जरी से घटेगा मोटापा

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May 03, 2018

ग्वालियर। शहर का गजराराजा मेडिकल कॉलेज (जीआरएमसी) प्रदेश का पहला सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनने जा रहा है जिसमें मोटापा घटाने के लिए बैरीयाट्रिक और रोबोट सर्जरी एक साथ की जाएंगी। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत नई सुपर स्पेशलिटी यूनिट में कॉलेज के न्यूरोलॉजी विभाग, गेस्ट्रो सर्जरी, न्यूनेटोलॉजी, पीडियाट्रिक सर्जरी, यूरोलॉजी विभाग को शामिल किया गया है।

अधिकारियों के अनुसार रोबोट सर्जरी के माध्यम से किडनी का ट्यूमर, रोबोट पायलोप्लास्टी, रोबोट एसिसटेड रेडिकल प्रोस्टेटॉकटमी, रोबोट एसिसटेड रिपेयर ऑफ वेसिकोवेजाइनल फिस्टयुला जैसी जटिल बीमारियों के ऑपरेशन किए जाएंगे। इन विभागों में उच्चशिक्षित डॉक्टरों द्वारा बड़े अस्पतालों की तर्ज पर अत्याधुनिक उपकरणों की सहायता से ऑपरेशन किए जाएंगे। यूरोलॉजी विभाग द्वारा बिना ऑपरेशन गुर्दे की पथरी को तोड़कर निकालने की सुविधा और दूरबीन द्वारा बिना चीरे गुर्दे की पथरी को निकालने के ऑपरेशन किए जाएंगे। इस दौरान न्यूनेटोलॉजी एवं पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग द्वारा जन्मजात शरीर के अनेक विकारों को ठीक करने के लिए ऑपरेशन किए जाएंगे। नवजात शिशु में खून में सामान्य से अधिक बिलीरूबिन की मात्रा को ठीक करने के लिए एक्सचेंज ट्रांसफ्युजन की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

150 करोड़ की आएगी लागत
मेडिकल कॉलेज में बनने वाले इस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के निर्माण में 150 करोड़ रुपए का खर्चा आएगा। जिसमें 120 करोड़ रुपए केन्द्र सरकार और 30 करोड़ रुपए राज्य सरकार देगी। इसमें 79 करोड़ 93 लाख रुपए निर्माण कार्य के लिए, 49 करोड़ ११ लाख रुपए उपकरण एवं फर्नीचर, 13 करोड़ 93 लाख रुपए सर्विसेज और 7 करोड़ रुपए कान्टीजेंसी एवं निर्माण कार्यों पर खर्च किए जाएंगे। इस ब्लॉक में नियोनेटेल वेंटीलेटर, पीडियाट्रिक ब्रोकोस्कॉप, पीडियाट्रिक लेप्रोस्कोपिक, इंट्रा ऑपरेटिव अल्ट्रासाउंड जैसी मशीनें उपलब्ध होंगी।

6 वार्ड में होंगे ऑपरेशन

175 बिस्तर वाले इस ब्लॉक में 6 वार्ड ऑपरेशन और तीन वार्ड आइसीयू के लिए फिक्स किए गए हैं। यहां मरीज और उनके परिजन को केफिटेरिया में भोजन कराने की व्यवस्था भी रहेगी। सुपर स्पेशनिटी अस्पताल के निर्माण का कार्य 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है। मेडिकल कॉलेज में यह सुविधा 15 अगस्त 2018 से आमजन के लिए उपलब्ध रहेगी। जिससे लोगों को जटिल बीमारी के लिए दूसरे शहरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

Published on:
03 May 2018 10:18 am
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