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न किसी ने कॉल किया न मैसेज, बस OTP आया और खाते से 7.12 लाख रुपए साफ, स्कैम से सावधान

Cyber Fraud : यहां जालसाजों ने अलग-अलग तरीकों से दोनों लोगों के लाखों रुपए ठग लिए। बदमाशों ने खुद को बैंक और जियो फाइबर कर्मचारी बताकर झांसे में लिया और खातों से रकम उड़ा दी।

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Cyber Fraud

ग्वालियर में साइबर ठगी के दो मामलों से मचा हड़कंप (Photo Source- Patrika)

Cyber Fraud :मध्य प्रदेश में साइबर पुलिस के तमाम प्रयासों के बावजूद ठगी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। हालात ये हैं कि, यहां हर रोज आम लोग नए-नए तरीकों से ठगी के शिकार हो रहे हैं। अजीबो गरीब ढंग से ठगी की बागनी बयां करते दो बड़े मामले सूबे के ग्वालियर शहर से सामने आए हैं। यहां जालसाजों ने अलग-अलग तरीकों से दोनों लोगों के लाखों रुपए पार कर लिए हैं। बदमाशों ने खुद को बैंक और जियो फाइबर कर्मचारी बताकर पीड़ितों को झांसे में लिया और उनके खातों से रकम निकाली है।

सामने आई इन घटनाओं ने एक बार फिर लोगों की डिजिटल सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, दोनों ही मामलों में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पहली ठगी: बैंक अधिकारी बनकर ठगी

साइबर ठगी के पहले मामले में बीएसएफ कंपोजिट अस्पताल में पदस्थ उपनिरीक्षक शिरीष शुक्ला को शिकार बनाया गया है। उनका कहना है कि, 13 अप्रैल की शाम वो सिटी सेंटर इलाके में थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर लगातार ओटीपी आना शुरु हो गए। हालांकि, उन्होंने किसी के साथ ओटीपी साझा नहीं किए, फिर भी कुछ ही देर में उनके खाते से 7 लाख 12 हजार 510 रुपए विड्राल हो गए। जांच करने पर पता चला कि, जालसाजों ने किसी तकनीक से उनका मोबाइल हैक कर लिया था। घटना के बाद उन्होंने तुरंत साइबर हेल्पलाइन और बैंक को सूचना देकर खाते को ब्लॉक कराया। फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

दूसरी ठगी: जियो फाइबर अपडेट के नाम पर फ्रॉड

ठगी की दूसरी वारदात शहर के महाराजपुरा थाना इलाके से सामने आई, जहां रिटायर्ड शिक्षक दिनेश कुमार हरदेवलिया साइबर ठगी का शिकार हुए। उनके पास एक कॉल आया, जिसमें सामने वाले ने खुद को जियो फाइबर कर्मचारी बताते हुए कहा कि, उनका अकाउंट अपडेट करना है। इसके लिए एक लिंक भेजा है। लिंक पर क्लिक करते ही उनका मोबाइल हैक हो गया और कुछ ही देर में उनके खाते से 2 लाख 45 हजार रुपए निकाल लिए गए।

जांच में जुटी पुलिस

दोनों मामलों में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इधर, अधिकारियों का कहना है कि, ये साइबर जालसाज अलग-अलग और नए तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। ऐसे में आमजन को भी आने वाले किसी भी अनजान कॉल, लिंक या ओटीपी को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। नागरिकों से अपील है कि, वे अपनी बैंकिंग जानकारी किसी से भी साझा न करें और संदिग्ध गतिविधि प्रतीत होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते उचित कदम उठाया जा सके।