Gwalior Collector Order : कलेक्टर ने कोचिंग संस्थानों में सीसीटीवी कैमरों को अनिवार्य किया है। कैमरों का एक्सेज संबंधित पुलिस थानों को उपलब्ध कराया जाएगा। इससे कोचिंग संस्थानों की सतत निगरानी हो सके।
Gwalior Coaching Institute : कलेक्टर ने कोचिंग संस्थानों में सीसीटीवी कैमरों को अनिवार्य किया है। कैमरों का एक्सेज संबंधित पुलिस थानों को उपलब्ध कराया जाएगा। इससे कोचिंग संस्थानों की सतत निगरानी हो सके। कैमरे लगवाने की जिम्मेदारी एसडीएम के नेतृत्व में चार दल गठित किए हैं। सभी दल अपने-अपने क्षेत्र के कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण करें और एक हफ्ते के भीतर कोचिंग संचालकों की संयुक्त बैठक लेकर यह काम कराएं।
ज्ञात है कि अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल की अध्यक्षता में आयोजित हुई संभागीय बैठक में कोचिंग संस्थानों में अध्ययनरत बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर दिए गए निर्देशों के पालन में कलेक्टर ने दलों का गठन किया गया है। एसडीएम लश्कर, मुरार, झांसी रोड व एसडीएम ग्वालियर सिटी के नेतृत्व में गठित किए गए इन दलों में संबंधित नगर पुलिस अधीक्षक और नगर निगम के उपायुक्त को शामिल किया गया है। एक माह के भीतर सभी एसडीएम से की गई कार्रवाई का प्रतिवेदन कलेक्टर ने मांगा है।
ऐसे स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे अवश्य लगवाएं, जहां से बाहरी क्षेत्र, पार्किंग, छात्र-छात्राओं के अध्ययन व प्रशिक्षण कक्ष तथा कॉरीडोर कैमरों की निगरानी के दायरे में रहे। साथ ही कोचिंग संस्थान में भी माहवार फोल्डर बनाकर सीसीटीवी कैमरों का डाटा सुरक्षित रखा जाए, जिससे जरूरत पडऩे पर जांच एजेंसियां इस डाटा का उपयोग कर सकें।
एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि कोचिंग संचालकों की बैठक के माध्यम से कोचिंग में उपलब्ध स्थान, कोचिंग का नक्शा, पूर्व में स्थापित सीसीटीवी कैमरों की स्थिति व अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की संख्या की वास्तविक जानकारी संकलित करें। ऐसे संस्थान जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं वहां कैमरे लगवाए जाएं।
समय-सीमा निर्धारित कर कैमरा लगवाए जाएं। सीसीटीवी कैमरों लगवाने के साथ-साथ सुरक्षा संबंधी अन्य निर्देशों का पालन कराने के निर्देश भी कलेक्टर ने सभी एसडीएम को दिए। एसडीएम को कोचिंग संस्थानों की सूची व कार्रवाई की जानकारी का फोल्डर अपने-अपने कार्यालय में संधारित करने के निर्देश दिए हैं।