Gwalior SAF Jawan Suicide Case: ग्वालियर में 14 बटालियन के सिपाही देवेंद्र सिंह सिकरवार की आत्महत्या का मामला सुलगा, किस बात से थे परेशान, क्यों खाया जहर, परिजन मांग रहे इंसाफ, जानिए किन आधार पर पुलिस ने शुरू की मामले की जांच...
Gwalior SAF Jawan Suicide Case: 14 बटालियन के सिपाही देवेन्द्र सिंह सिकरवार के जहर खाकर आत्महत्या का मामला सुलगने लगा है। सिपाही देवेन्द्र किस बात से परेशान थे, उन्होंने जहर क्यों खाया। अब उनका परिजन इंसाफ मांग रहे हैं। बुधवार को देवेन्द्र सिंह के बेटे अमन और बेटी नेहा ने परिजन के साथ गिरवाई थाने पहुंचकर पुलिस अधिकारियों से कहा कि पुलिस पता तो लगाए कि आखिर किस बात से उनके पिता परेशान थे। उनकी मौत के लिए कौन जिम्मेदार हैं। उस पर कार्रवाई तो होना चाहिए।
एसएएफ के जवान देवेन्द्र सिंह सिकरवार निवासी सिकंदर कंपू (गिरवाई) ने 8 दिसंबर को जहर खाकर सुसाइड किया था। परिजन ने उस वक्त पुलिस को बताया था देवेन्द्र बाहर से घर लौटे थे। थोडी देर बाद उनकी हालत बिगड़ी तब पता चला कि उन्होंने जहर खा लिया। उस वक्त देवेन्द्र की हालत कुछ बताने की नहीं थी। उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए। कुछ देर इलाज के बाद देवेन्द्र सिंह ने दम तोड़ दिया। देवेन्द्र सिंह का पुश्तैनी घर तोर गांव (मुरैना) में है। परिजन उनके शव को अंतिम संस्कार के लिए वहां ले गए।
गिरवाई थाना टीआई सुरेन्द्रनाथ यादव ने बताया,आरक्षक देवेन्द्र सिंह की बेटी नेहा और अमन चाचा और रिश्तेदारों के साथ आए थे। उनका कहना था हमें तो कानों कान खबर नहीं हुई कि पिता (देवेन्द्र ) ऐसा कदम उठा सकते हैं। अगर आभास होता तो शायद उनकी जान बचा लेते। हम तो परेशान हैं। अब पुलिस से ही इंसाफ की उम्मीद है। पुलिस पता लगाए कि आखिर पिता (देवेन्द्र) की मौत का जिम्मेदार कौन है। उसे तो सजा मिलना वाहिए।
आरआई रंजीत सिंह सिकरवार ने बताया देवेन्द्र पुत्र दर्शन सिंह सिकरवार 11 दिसंबर 2024 से 4 जनवरी तक आरटीआई एक्टिविस्ट आशीष चतुर्वेदी के यहां सुरक्षा डयूटी में थे। चार जनवरी को आशीष के यहां शराब पीकर ड्यूटी करने पहुंचने की शिकायत पर उन्हें ड्यूटी से हटा लिया गया था और उनका मेडिकल चैकअप कराया था। दूसरे दिन से देवेन्द्र ड्यूटी से अनुपस्थित हो गए तो 8 जनवरी को उनकी ड्यूटी बदल दी गई थी।
47 साल के आरक्षक की मौत गंभीर घटना होती है। किन परिस्थितियों में उन्होंने सुसाइड किया है। इसकी जांच की जा रही है। जो तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- अरविंद कुमार सक्सेना, आईजी, ग्वालियर रेंज