ग्वालियर

मजहब से मजबूत राखी का बंधन, सारे भेदभाव भूलकर करते हैं सेलिब्रेट

मजहब से मजबूत राखी का बंधन, सारे भेदभाव भूलकर करते हैं सेलिब्रेट

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Aug 26, 2018
मजहब से मजबूत राखी का बंधन, सारे भेदभाव भूलकर करते हैं सेलिब्रेट

ग्वालियर द्य एक धागा जो भाई बहन के रिश्ते को और भी मजबूत बनाता है। आज रक्षाबंधन है और बहनें अपने भाइयों को राखी बांधेंगी। भाई बहनों को गिफ्ट देंगे। अब ये त्योहार हर धर्म में मनाया जा रहा है। यह त्योहार मुस्लिम, सिख, इसाई और हिंदू एकता का संदेश दे रहे हैं। शहर में कई लोग ऐसे हैं, जो अलग-अलग धर्म के हैं, लेकिन उन्होंने राखी के बंधन से रिश्तों को संजोया है। राखी के बंधन में बंधे अलग-अलग धर्म के लोग अपने बच्चों के लिए उदाहरण हैं। अब यह त्योहार हर धर्म के लोग सेलिब्रेट करते हैं। मजहब से मजबूत राखी का बंधन हो गया है।


35 साल का बंधन

चंद्रवती को मैंने अपनी बहन माना, क्योंकि उसने हर पेरशानी मेरा और मेरी फैमिली का साथ दिया। हमारा भाई-बहन का रिश्ता 35 साल से चल रहा है। आर्थिक स्थिति हमारी खराब होती थी। उस वक्त भी उसने हमारा साथ दिया।
शंकर पॉल

बंधवाता हूं राखी
मेरी बेटी का केस चल रहा था हम बहुत परेशान थे। उसका घर उजडऩे वाला था। सरला मैम ने मेरी बेटी का केस लड़ा उसकी काउंसलिंग की और उसे समझाया उसी समय से मैंने सरला को अपनी बहन मान लिया। यह रिश्ता आज तक कायम है।
वहीद खान

गिफ्ट देने का प्लान

इस बार राखी पर बहन की डिमांड पर गिफ्ट देने का प्लान किया है। राखी के त्योहार ही है, जिस पर हम सब मिल पाते हैं। अन्य दिनों में किसी को इतना समय नहीं होता की मिल सकें। पूरी रात गप्प लगाना, गेम्स खेलना अपने बचपन के पलों को याद करते हैं।
मनीष दीक्षित

Published on:
26 Aug 2018 10:13 am
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