पूर्व मंत्री और सिंधिया समर्थक नेत्री इमरती देवी ने अब लोकसभा चुनाव लड़ने की दावेदारी ठोंक दी है। उन्होंने कहा कि मेरी किस्मत खराब थी, इसलिए डबरा से चुनाव में हार मिली।
मध्य प्रदेश समेत तीन राज्यों में रिकॉर्ड जीत के साथ सत्ता वापसी करने वाली भारतीय जनता पार्टी अब लोकसभा चुनाव 2024 में तीसरी बार मोदी सरकार बनाने के लिए पार्टी कमर कसने लगी है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश में रिकॉर्ड सीटों के साथ सरकार बनाने के बाद भाजपा के कई नेताओं ने लोकसभा चुनाव में टिकट की दावेदारी करनी शुरु कर दी है। इसी कड़ी में ग्वालियर जिले की डबरा विधानसभा सीट से लगातार दो बार चुनाव हारने वाली सिंधिया समर्थक नेता और पूर्व मंत्री इमरती देवी ने लोकसभा चुनाव लड़ने की दावेदारी ठोक दी है।
आपको बता दें कि विधानसभा चुनाव 2023 के नतीजे सामने आने के बाद अब बीते दो दिनों से राजधानी भोपाल में भारतीय जनता पार्टी की बैठकें चल रही हैं। इसी बीच आज संगठन ने पूर्व मंत्रियों और विधानसभा चुनाव में हारे हुए प्रत्याशियों की बैठक बुलाई थी, जिसमें इमरती देवी भी शामिल हुईं थीं। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जता दी है।
इमरती देवी ने कही ये बात
मीडिया से बातचीत के दौरान इमरती देवी ने कहा कि सबकी चुनाव लड़ने की इच्छा होती है। पार्टी जहां से चुनाव लड़ने के निर्देश देगी, वो वहीं से चुनाव लड़ लेंगी। मेरी किस्मत खराब थी, इसलिए डबरा से चुनाव हारी। उन्होंने आगे कहा कि उनकी हार के बावजूद भी डबरा में भाजपा के वोट परसेंट में बढ़ोतरी हुई है।
भाजपा ने सेट किया टारगेट
आपको बता दें कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 जीत के बाद भाजपा का उत्साह और भी बढ़ गया है। इसी के चलते पार्टी ने लोकसभा चुनाव की तैयारियां भी जोर शोर के साथ शुरु कर दी हैं। पार्टी ने राज्य की सभी 29 सीटों पर जीत का लक्ष्य तय किया है। पार्टी ने राज्य सरकार के मंत्रियों को बड़ी जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी की है तो वहीं लोकसभा चुनाव में 60 फीसदी वोट हासिल करने का टारगेट सेट किया है।