नई सडक़ स्थित जानकी वल्लभ मंदिर में पांच दिवसीय ब्रह्मोत्सव रथयात्रा महोत्सव दक्षिण भारत पद्धति से स्वामी विष्णु प्रपन्नाचार्य के सानिध्य में मंगलवार से प्रारंभ हुआ। ब्रह्मोत्सव के अंतिम दिन 31 जनवरी को भगवान वेंकटेश की विशाल शोभायात्रा शहर के मुख्य मार्गो से निकाली जाएगी। आयोजन समिति के भरत झंवर ने बताया कि मंगलवार, को […]
नई सडक़ स्थित जानकी वल्लभ मंदिर में पांच दिवसीय ब्रह्मोत्सव रथयात्रा महोत्सव दक्षिण भारत पद्धति से स्वामी विष्णु प्रपन्नाचार्य के सानिध्य में मंगलवार से प्रारंभ हुआ। ब्रह्मोत्सव के अंतिम दिन 31 जनवरी को भगवान वेंकटेश की विशाल शोभायात्रा शहर के मुख्य मार्गो से निकाली जाएगी। आयोजन समिति के भरत झंवर ने बताया कि मंगलवार, को सुबह 10 बजे भगवान शंकर एवं शेषावतार रामानुजस्वामी का महाभिषेक किया गया। बुधवार, 28 जनवरी को सुबह 10 बजे महालक्ष्मी का महाअभिषेक एवं रात्रि 8 बजे मंदिर प्रांगण में मंगलगिरी पर महालक्ष्मी की मंगलयात्रा निकलेगी। गुरुवार 29 जनवरी को सुबह 10 बजे भगवान जानकीवल्लभ का महाभिषेक एवं रात्रि 8 बजे से मंदिर प्रांगण में मंगलगिरी पर भगवान की मंगल यात्रा निकलेगी। शुक्रवार 30 जनवरी को सुबह 9 बजे भगवान वेंकटेश का महाभिषेक एवं रात्रि 8 बजे मंदिर प्रांगण पर भगवान की मंगल यात्रा निकलेगी। शनिवार 31 जनवरी को दोपहर 2.30 बजे से भगवान वेंकटेश की शोभायात्रा गाजे-बाजे के साथ शहर के मुख्य मार्गों से निकाली जाएगी।