MP News: भागवत कथा आयोजन और लग्जरी कार के सौदे ने कथावाचक और गौरक्षक को आमने-सामने ला खड़ा किया है।बैंक लेन-देन, धमकियों और पुलिस जांच से मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है।
Kathavachak Fraud Case: ग्वालियर में भागवत कथा आयोजन और लग्जरी कार के सौदे को लेकर कथावाचक और गौरक्षक के बीच विवाद गहराता जा रहा है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर धोखाधड़ी कर लाखों रुपए हड़पने के आरोप लगाए है। दोनों ही लेन-देन के बैंक खातों का ब्यौरा भी पुलिस को सौंपने की बात कह रहे हैं। अब पुलिस मामले की सच्चाई जानने के लिए दोनों पक्षों को आमने सामने बैठाकर लेन-देन का हिसाब-किताब समझने की तैयारी कर रही है। (MP News)
गौरक्षक जनसेवा समिति (Gau Rakshak Jan Seva Samiti) के सचिव रामेश्वरदास निवासी अलकापुरी ने आरोप लगाया है कि वृंदावन धाम निवासी कथावाचक धनवंतरी महाराज (Dhanvantari Maharaj) ने भागवत कथा कराने का ठेका लेकर 25 लाख रुपये हड़प लिए। रामेश्वरदास के मुताबिक यह कथा सात दिन तक पिछले वर्ष जनवरी में आयोजित होनी थी। कथावाचक ने टेंट, तंबू, भंडारे, आयोजन स्थल और प्रशासनिक अनुमति की पूरी व्यवस्था कराने की जिम्मेदारी ली थी। आरोप है कि पूरी रकम लेने के बावजूद कथा का आयोजन नहीं कराया गया। जब पैसे वापस मांगे गए तो वृंदावन में ठगी का मामला दर्ज कराने की धमकी दी गई।
वृंदावन निवासी कथावाचक धनवंतरी दास का कहना है कि रामेश्वरदास उर्फ संजय त्रिपाठी निवासी अलकापुरी से उनका पुराना परिचय है। रामेश्वरदास ने ग्वालियर में पदस्थ एक अधिकारी की लग्जरी कार 35 लाख रुपए में दिलाने का झांसा दिया था। धनवंतरी दास का आरोप है कि भरोसा कर उन्होंने 11 लाख रुपए नकद दिए, जबकि 12 लाख रुपए रामेश्वरदास और उसके साथी गौरव झा के बैंक खातों में जमा कराए। रकम लेने के बाद भी कार नहीं दिलाई गई। जब पैसे वापस मांगे गए तो झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई। धनवंतरी दास ने बताया कि इस संबंध में विश्वविद्यालय थाना में शिकायत भी दर्ज कराई गई है। (MP News)