GRMC: MCI ने रोकी MBBS की 10 सीटों की मान्यता, एक माह में कमी दूर करने को कहा
ग्वालियर। गजराराजा मेडिकल कॉलेज में अंडरटेकिंग पर चल रहीं एमबीबीएस की 10 सीटों की मान्यता मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने रोक दी है, इसके लिए एमसीआइ ने कमियों को कारण बताया है। एमसीआइ ने जीआरएमसी को एक माह के भीतर कमी दूर करने की हिदायत दी है।
बीते माह एमसीआइ की टीम ने जीआरएमसी और जयारोग्य अस्पताल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को परखने के साथ फैकल्टी का हेड काउंट किया था। इस दौरान ओपीडी में मरीजों की कम संख्या, लैब में जांच, फैकल्टी की कमी सहित कई कमियां टीम के सदस्यों को मिली थी। मुख्यालय रिपोर्ट देने के बाद २६ अप्रैल को दिल्ली में हुई बैठक के बाद एमसीआइ ने १० सीटों की मान्यता रोकने का निर्णय लिया।
उल्लेखनीय है कि 10 सीटों की मान्यता पर रोक को लेकर जीआरएमसी प्रबंधन चुप्पी साधे है। प्रबंधन का एक ही जबाव है कि इस संबंध में अभी कोई पत्र नहीं मिला है। फिलहाल जीआरएमसी प्रबंधन एक बार फिर कमियां दूर करने में नाकाम साबित हुआ है। इससे पहले जीआरएमसी पीजी सीट बढ़वाने में नाकाम रहा और अब कमियों ने १० एमबीबीएस सीट भी छीन ली। जानकारी के मुताबिक एमसीआइ ने जीआरएमसी प्रबंधन को सात कमियां को दूर करने के लिए एक माह का समय दिया है।
अंडरटेकिंग पर चल रहीं सीट
पांच साल पहले १0 सीटों का इजाफा करते हुए एमबीबीएस की 140 से 150 सीट की गईं थीं। एमसीआइ के मानदंडों के अनुसार जब भी नई सीटें बढ़ाई जाती हैं तो पांच साल तक लगातार टीम निरीक्षण के लिए कॉलेज आती है। पिछलों चार सालों में निरीक्षण के लिए आई टीम को स्टाफ की कमी, इंफ्रास्ट्रक्टर सहित कई कमियां मिलीं, जिससे मान्यता नहीं दी गई, तब से ये बढ़ी हुई सीटें अंडरटेकिंग पर चल रही हैं।
कोई पत्र नहीं मिला
इस संबंध में अभी अधिकृत तौर पर कोई पत्र नहीं मिला है, लेकिन अगर एेसा है तो एमसीआइ द्वारा बताई गई कमियों को दूर किया जाएगा।
डॉ. केपी रंजन, प्रवक्ता, जीआरएमसी