ग्वालियर. कहते हैं कि घर का आंगन तब तक सूना रहता है जब तक उसमें बच्चों की खिलखिलाहट न गूंजे। उन परिवारों के दर्द की कल्पना करना भी मुश्किल है जिनके मासूम बच्चे अचानक आंखों से ओझल हो जाते हैं। ऐसे ही परिवारों की खोई हुई मुस्कान लौटाने के लिए ग्वालियर पुलिस ने ऑपरेशन विशेष […]
ग्वालियर. कहते हैं कि घर का आंगन तब तक सूना रहता है जब तक उसमें बच्चों की खिलखिलाहट न गूंजे। उन परिवारों के दर्द की कल्पना करना भी मुश्किल है जिनके मासूम बच्चे अचानक आंखों से ओझल हो जाते हैं। ऐसे ही परिवारों की खोई हुई मुस्कान लौटाने के लिए ग्वालियर पुलिस ने ऑपरेशन विशेष मुस्कान के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। जिले में पिछले तीन महीनों के भीतर लापता हुए 80 नाबालिगों में से पुलिस ने अपनी मुस्तैदी और तकनीक के सहारे 60 बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचा दिया है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के पहले ही दिन पुलिस टीम ने अलग-अलग राज्यों और शहरों में दबिश देकर तीन बच्चों को बरामद किया। इनमें सबसे चौंकाने वाला मामला चीनोर का था। यहां से लापता हुई एक नाबालिग बालिका उधम ङ्क्षसह नगर (उत्तराखंड) में मिली। पुलिस जांच में सामने आया कि वह अपने चाचा के घर रहकर पढ़ाई कर रही थी, लेकिन किसी बात पर परिजनों से नाराज होकर चुपचाप घर से निकल गई थी। पुलिस ने कड़ी मेहनत के बाद उसकी लोकेशन ट्रैक की और उसे वापस ग्वालियर लाई।
हाथरस में पकड़ा गया अपहरणकर्ता
अभियान की दूसरी बड़ी सफलता घाटीगांव क्षेत्र से मिली। यहां से अगवा की गई एक नाबालिग को उत्तर प्रदेश के हाथरस से बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार, गांव का ही रहने वाला आरोपी विष्णु कोरी लड़की को बहला-फुसलाकर ले गया था। जैसे ही पुलिस को आरोपी की सटीक लोकेशन मिली, टीम ने घेराबंदी कर उसे राउंडअप किया और लड़की को उसके चंगुल से सुरक्षित निकाला।
सीसीटीवी कैमरों ने सुलझाई गुत्थी
महाराजपुरा क्षेत्र में एक बालक के अपहरण की शिकायत ने पुलिस को उलझा दिया था। परिजनों का कहना था कि बच्चा एक भंडारे से गायब हुआ है। पुलिस ने जब भंडारे के रूट पर लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगालना शुरू किया, तो कहानी कुछ और ही निकली। बालक किसी के साथ नहीं, बल्कि खुद गुस्से में अकेले जाता हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने कैमरों की मदद से उसके पूरे रूट को ट्रैक किया और उसे सकुशल ढूंढ निकाला।
80 लापता, 60 की वापसी, लक्ष्य अभी बाकी
ग्वालियर जिले के आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले 90 दिनों में 80 बच्चे लापता हुए थे। इनमें से 60 बच्चों के घरों में पुलिस ने फिर से मुस्कान बिखेर दी है। हालांकि, अभी भी 20 बच्चे ऐसे हैं जिनका पता लगाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन विशेष मुस्कान के तहत टीमें लगातार सक्रिय हैं और शेष बच्चों को भी जल्द ढूंढ लिया जाएगा।