
Power Cut (Photo Source - Patrika)
MP News: एमपी के ग्वालियर में लोगों को गर्मियों में बिजली फॉल्ट और ट्रिपिंग से राहत दिलाने के लिए शुरू की गई 45 करोड़ रुपए की आरडीएसएस योजना अब सवालों के घेरे में है। तय समय में पूरा होने वाला काम दो-दो एक्सटेंशन के बाद भी अधूरा पड़ा है और अब तीसरी मोहलत देने की तैयारी है, क्योंकि 35 फीसदी काम अब भी बाकी है, जिसका सीधा असर शहरवासियों पर पड़ना तय है। अब तापमान लगातार बढ़ने वाला है और 40 डिग्री के पार जाते ही बिजली की मांग और बढ़ेगी। ऐसे में पुराने सिस्टम पर बढ़ता लोड ट्रिपिंग और फॉल्ट आएगा।
आरडीएसएस योजना के तहत नए ट्रांसफार्मर लगाने और फीडर विभक्तीकरण का काम किया जाना था, ताकि ओवरलोडिंग कम हो और बिजली सप्लाई सुचारू रहे। लेकिन बिजली कंपनी ठेकेदारों से समय पर काम नहीं करा सकी। 31 मार्च 2026 तक काम पूरा करने का अल्टीमेटम भी बेअसर रहा। गर्मी को देखते हुए काम खत्म करने की तारीख निर्धारित की थी। यदि योजना समय पर पूरी हो जाती तो शहर को राहत मिल सकती थी, लेकिन लापरवाही के चलते हालात फिर बिगड़ने के आसार हैं।
योजना का 31 मार्च तक काम पूरा करना था, लेकिन 60 से 70 फीसदी काम पूरा हुआ है। इसे जल्द खत्म किया जाएगा। कार्य को एक्सटेंशन देने की प्रक्रिया भोपाल से हो रही है।- संदीप कालरा, महाप्रबंधक सिटी सर्कल
-मैसर्स यूनिवर्सल को 7 नवंबर 2022 को तारागंज उपकेंद्र का 2.97 करोड़ में ठेका दिया गया था।
-मैसर्स एमडीपी इन्फ्रा को 20 फरवरी 2023 को 18 फीडरों विभक्तीकरण का ठेका दिया गया। 6.20 करोड़ का काम था। 45.21 किलोमीटर लाइन पर काम करना था।
-मैसर्स विंध्यारेली 22 फरवरी 2023 को 41 किलोमीटर लाइन का काम दिया गया। 3.582 करोड़ का ठेका दिया गया।
-354 वितरण ट्रांसफार्मर लगाए जाने हैं। अभी पूरे नहीं लगे हैं। जो लग चुके हैं, उनसे सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है।
Published on:
03 Apr 2026 05:56 pm
बड़ी खबरें
View Allग्वालियर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
