पहाडिय़ों पर लहलहा रहे लगभग 40 हजार नीम, आंवले के पेड़
ग्वालियर बंजर पहाडिय़ों को अतिक्रमण से बचाने के लिए 2009 में शुरू की गई पौधारोपण की मुहिम रंग ले आई है। वर्तमान में जिले की चार पहाडिय़ों सहित ग्रामीण क्षेत्र में लगभग 25 बंजर पहाडिय़ों पर नीम आदि के पेड़ लहलहा रहे हैं। कम लागत में तैयार किए गए इन सघन वनों की तकनीक को समझने के लिए भारतीय प्रशासनिक अकादमी के अधिकारी भी साल में एक बार स्टडी टूर पर ग्वालियर आते हैं।
अब इस बार पहले चरण में पांच पहाडिय़ों को चिन्हित कर पौधारोपण शुरू किया गया है। जिसके तहत जौरासी पहाड़ी पर 700 पौधे रोपे जा चुके हैं, जबकि अन्य जगहों पर गड्ढे खोदे जा रहे हैं ताकि पहली बारिश के साथ ही पौधे लगाए जा सकें। वहीं अतिक्रमण से बचाने के लिए अपनाई गई यह ट्रिक को लेकर पब्लिक में खुशी है वह बोली यह अच्छा काम है।
पहाड़ी-1 : रायपुर
"पर्यावरण संरक्षण के लिए शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र में पौधे लगाने के लिए कार्ययोजना बनाई गई है। इसके तहत हमने सभी विभागों से प्रजेंटेशन तैयार कराया है। सभी जगह ऐसे पौधे लगाए जाएंगे जो जल्द सर्वाइव कर सकें।"
अनुराग चौधरी, कलेक्टर