30 अप्रेल से ग्रहों के राजकुमार बुध और ग्रहों के राजा सूर्य की युति से बुधादित्य राजयोग का आगाज हो रहा है। यह खगोलीय घटनाक्रम दो चरणों में पूरे एक माह तक जनमानस को प्रभावित करेगा।
ग्वालियर. वैशाख और ज्येष्ठ मास के संधि काल में ब्रह्मांड में ग्रहों की एक ऐसी अद्भुत चौपाल सजने जा रही है, जो व्यापार से लेकर व्यक्तिगत जीवन तक बड़े बदलाव लेकर आएगी। ज्योतिषाचार्य डॉ.हुकुमचंद जैन के अनुसार, 30 अप्रेल से ग्रहों के राजकुमार बुध और ग्रहों के राजा सूर्य की युति से बुधादित्य राजयोग का आगाज हो रहा है। यह खगोलीय घटनाक्रम दो चरणों में पूरे एक माह तक जनमानस को प्रभावित करेगा।
दो चरणों में चमकेगा भाग्य : बुधादित्य योग का प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र में बुध को बुद्धि और संवाद का कारक माना जाता है। 30 अप्रेल को सुबह 6:55 बजे बुध के मेष राशि में प्रवेश करते ही सूर्य के साथ उनकी युति बनेगी।
< पहला चरण (30 अप्रेल - 14 मई) : मेष राशि में बुधादित्य योग बनेगा, जो प्रशासनिक और निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि करेगा।
< दूसरा चरण (15 मई - 29 मई) : बुध और सूर्य दोनों वृषभ राशि में होंगे, जिससे आर्थिक स्थिरता और निवेश के नए रास्ते खुलेंगे।
मंगल का रुचक योग और शुक्र का गोचर
इस माह की सबसे बड़ी हलचल 11 मई को होगी, जब साहस के प्रतीक मंगल देव मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इससे रुचक योग का निर्माण होगा। यह योग उन लोगों के लिए वरदान साबित होगा जिनके काम लंबे समय से अटके हुए हैं। वहीं 14 मई को शुक्र का मिथुन राशि में जाना पारिवारिक सुख-सुविधाओं और दाम्पत्य जीवन में मिठास घोलेगा।