ग्वालियर

अचानक स्कूल पहुंचे SDM, भागते-हांफते हुए आया शिक्षक, हालत देख हुए गुस्सा

SDM inspection: ग्वालियर में स्कूल खुलते ही लापरवाही उजागर हुई। 36 स्कूलों में शिक्षक गैरहाजिर, बच्चे नदारद और मिड डे मील में दाल की जगह पीला पानी मिला। एसडीएम नरेंद्र बाबू यादव ने औचक निरीक्षण कर की कार्रवाई। (mp news)

2 min read
Jul 10, 2025
school negligence teachers absent midday meal expose SDM inspection mp news (फोटो सोर्स- Patrika.com)

mp news: ग्वालियर जिले में एक जुलाई से शासकीय स्कूल खुल गए हैं। शिक्षण कार्य भी शुरु हो गया। शासकीय स्कूलों में शिक्षक आ रहे हैं या नहीं। कलेक्टर रुचिका चौहान ने हकीकत जानने के लिए 19 राजस्व अधिकारियों को जिले के 36 स्कूलों में भेजा। एसडीएम सहित अन्य अधिकारी स्कूलों में पहुंचे। एसडीएम नरेंद्र बाबू यादव पिपरोली स्थित प्राथमिक व मिडिल स्कूल पहुंचे। एसडीएम की सुनकर एक शिक्षक भागते-हांफते चाबी लेकर पहुंचे, लेकिन चाबी से ताला नहीं खुला। (SDM inspection)

ये भी पढ़ें

जिला अस्पताल में ‘हृदय विभाग’ ही नहीं, मेडिसिन विभाग के डॉक्टर कर रहे इलाज

स्कूल से विद्यार्थी और शिक्षक गायब

स्कूल में वि‌द्यार्थी भी नहीं आए थे। जब स्कूल न खोलने का कारण पूछा तो शिक्षक के पास कोई जवाब नही था। बारिश की वजह से मैदान में स्कूल लगा रहे हैं। इसके बाद नौगांव के हाईस्कूल में पहुंचे। यहां भी शिक्षक गायब मिले। यह स्थिति दो स्कूलों की नहीं थी। जिले के 36 स्कूलों का हाल ऐसा था। शिक्षक पढ़ाने स्कूल में नहीं थे। इस कारण छात्र नहीं आ रहे हैं। रजिस्टर में हाजिरी भी नहीं भरी जा रही है। 36 स्कूलों में 108 शिक्षक गायब मिले। अनुपस्थित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

शासकीय स्कूलों की बदहाल स्थिति

दरअसल नगर निगम सीमा के अंतर्गत आने वाले शासकीय स्कूल बदहाल हैं। स्कूलों में पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं पहुंच रहे। उपस्थिति रजिस्टर खाली रखे गए, जिसे बाद में भरा जा सके।गांव में स्कूलों का हाल ज्यादा खराब है। यहां पर शिक्षक नियमित नहीं आ रहे।अधिकतर शिक्षक शहर में निवास करते हैं। शहर से गांव में जाने वाले शिक्षक नियमित स्कूल में नहीं पहुंचते हैं। स्कूल में बच्चे आते हैं, लेकिन शिक्षक के नहीं आने से छात्र वापस लौट जाते हैं।

मिड डे मील में दाल गायब, पीला पानी परोसा

स्कूल में बंटने वाले मध्यान्ह भोजन की भी जांच की। बच्चों के लिए जो खाना भेजा गया था, उसमें दाल परोसी जाने वाली थी। जब दाल की जांच की तो उसमें पीला पानी था। दाल गायब थी। ऐसा भोजन भेजा गया, जिसे देखकर जानवर भी मुंह फेर ले। खाना खाने लायक नहीं था। बच्चों की उपस्थिति को देखते हुए खाने की आपूर्ति का सवाल किया तो बताया कि बीते दिन भेजा गया। उसी हिसाब से फिर भेजा।

ये भी पढ़ें

खुश हो जाओ शिव भक्तों… श्रावण में डेढ़ महीने मनाया जाएगा ये भव्य महोत्सव, हर शाम गूंजेंगे भजन

Published on:
10 Jul 2025 01:47 pm
Also Read
View All

अगली खबर