अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और वैश्विक ईंधन संकट की आशंकाओं के बीच ग्वालियर से राहत देने वाली तस्वीर सामने आई है। जिले में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। वहीं प्रधानमंत्री
ग्वालियर. अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और वैश्विक ईंधन संकट की आशंकाओं के बीच ग्वालियर से राहत देने वाली तस्वीर सामने आई है। जिले में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। वहीं प्रधानमंत्री की ईंधन बचाने की अपील का असर अब स्थानीय स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। पत्रिका की पड़ताल में सामने आया है कि मार्च और अप्रेल की तुलना में मई महीने में जिले में पेट्रोल की दैनिक औसत खपत में 24 हजार लीटर की कमी दर्ज की गई है। हालांकि डीजल की मांग अब भी स्थिर बनी हुई है।
जिले में तेजी से बढ़ रहे इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) कल्चर का असर पेट्रोल की बिक्री पर साफ दिखाई दे रहा है। बड़ी संख्या में लोग अब पेट्रोल वाहनों की जगह ईवी स्कूटर और इलेक्ट्रिक कारों की ओर रुख कर रहे हैं। अप्रेल माह में जिले के 217 पेट्रोल पंपों पर प्रतिदिन औसतन 262 किलोलीटर और मई में 238 किलोलीटर यानी 2 लाख 38 हजार लीटर पेट्रोल प्रतिदिन रह गई। इस तरह अप्रेल की तुलना में मई में करीब 24 हजार लीटर प्रतिदिन कम पेट्रोल बिका। जानकारों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय हालातों को देखते हुए लोग ईंधन बचत को लेकर पहले से अधिक सतर्क हुए हैं। वहीं ईवी अपनाने वाले उपभोक्ताओं की ओर से पेट्रोल की खरीद लगभग बंद हो गई है।
महीना---------पेट्रोल---------डीजल
अप्रेल---------262---------385
मई---------238---------385
(नोट: 1 किलोलीटर = 1000 लीटर)
पेट्रोल की खपत में कमी आने के बावजूद डीजल की मांग में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है। अप्रेल और मई दोनों महीनों में जिले में डीजल की दैनिक औसत बिक्री 385 किलोलीटर बनी हुई है। विशेषज्ञों के मुताबिक मालवाहक वाहन, बसें, ट्रक और कृषि कार्यों में उपयोग होने वाले थ्रेशर व कंबाइन हार्वेस्टर अब भी पूरी तरह डीजल पर निर्भर हैं। डीजल का कोई सस्ता और व्यवहारिक विकल्प फिलहाल उपलब्ध नहीं होने के कारण इसकी मांग स्थिर बनी हुई है।
ईरान-अमेरिका तनाव के बाद बाजार में पेट्रोल-डीजल की किल्लत को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया था। इससे पहले एलपीजी गैस संकट की आशंका भी जताई जा रही थी। हालांकि प्रशासनिक आंकड़े इन आशंकाओं को खारिज करते हैं। केंद्र सरकार जहां देश में 60 दिनों का बफर स्टॉक होने का दावा कर रही है, वहीं ग्वालियर जिले की स्थिति भी मजबूत बताई जा रही है।
विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया है कि ऐसे कर्मचारी चिह्नित किए जाएं, जिन्हें दो दिन वर्कफ्रॉम होम काम कराया जा सकता है। गाड़ी पूल करने के लिए भी कहा है, जिससे 5 से 10 फीसदी पेट्रोल की बचत हो सके।
रुचिका चौहान, कलेक्टर