- बोलीं- “महाराज ऐसा कभी मत बोलना” और बहने लगे आंसू
ग्वालियर। साेशल मीडिया पर इन दिनाें कांग्रेस से भाजपा में आए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी कट्टर समर्थक इमरती देवी का एक वीडियो जाेरदार चर्चा में है, जिसमें इमरती भावुक होकर राेती हुईं कह रही हैं- महाराज ऐसा कभी मत कहना। वहीं सिंधिया इस दाैरान उनको संबंल देते नजर आ रहे हैं।
दरअसल शनिवार को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने गृह नगर ग्वालियर में थे और इस दिन एक वाटिका में आयोजित अनुसूचित जाति के कार्यक्रम में सिंधिया पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान आए हुए लोगों को सिंधिया ने एक-एक करके पुकारा। यहां सिंधिया ने अनुसूचित जाति के लोगों को ना केवल अपने हाथ से खाना परोसा, बल्कि साथ बैठकर एक ही थाली में खाना भी खाया। सिंधिया घराने में शायद पहली बार किसी ने ऐसा किया हैं।
इसके पहले लोगों को संबोधित करते हुए वे भावुक हो गए जिसके चलते यहां उन्होंने कह दिया कि मैं अगर ना भी रहूं तब भी आपके समाज के उत्थान के लिए हमेशा काम होते रहेंगे। सिंधिया इसके बाद जब भोजन करने लगे, तब उनके साथ लाल सिंह आर्य, इमरती देवी और प्रधुम्न तोमर भी मौजूद रहे।
सिंधिया ने इस समय कहा कि मैं भावुक हो गया था। इस पर इमरती की आंखों से आंसू बह निकले और वह बोली “महाराज यह गलत है। आपको ऐसा नहीं बोलना था।” इमरती ने कहा “यहां जितने भी लोग खड़े हैं सब आपकी दम पर हैं। महाराज तुम हो, तो हम हैं। आपको ऐसा बिल्कुल नहीं बोलना था” इस पर सिंधिया बोले- ये बात अभी मत कहो-यहां मीडिया वाले मौजूद हैं। साथ ही सिंधिया ये भी बोले कि मेरे कहने का तात्पर्य था कि मेरे पूज्य स्वर्गीय माधव महाराज ने भी ग्वालियर के पानी की सप्लाई के लिए सौ साल पहले ही व्यवस्था कर दी थी।
इस पर इमरती बोली कि आपके लिए यह समाज खड़ा है। सब आप ही के लिए खड़े है। यह पहला मौका नहीं जब इमरती की सिंधिया के प्रति भावुकता सामने आई हो। ध्यान रहे इमरती ही वह पहली शख्स थीं कि जब सिंधिया ने कांग्रेस छोड़ बीजेपी का दामन थामने की बात कही थी और इमरती ने कहा था महाराज आप कहोगे तो हम कुएं में कूद जाएंगे।
दंगों को प्रदेश आज भी नहीं भूला
सिंधिया ने कहा कि 2 अप्रैल 2018 के सामाजिक दंगों को प्रदेश आज भी नहीं भूला है। 2 अप्रैल 2018 का दिन इतिहास का एक काला दिन था, जिसे भुलाकर हम सभी को एक साथ मिलकर आगे बढ़ना होगा। कार्यक्रम में सिंधिया ने जाटव समाज के एक व्यक्ति के साथ एक ही प्लेट में खाना खाया। राज परिवार से होने के बावजूद सिंधिया बेहद आम तरीके से पेश आए तो अनुसूचित जाति समाज के लोग भी महाराज के अंदाज के मुरीद हो गए।
सभी वर्गों से हमारा प्रेम का नाता
मीडिया से बातचीत करते हुए सिंधिया ने कहा कि हमारी परंपरा है, हम पहले दूसरों को खाना खिलाते हैं, फिर खुद खाना खाते हैं, उसी परंपरा का निर्वहन मैंने किया है। सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर चंबल और MP के सभी वर्गों से हमारा प्रेम का नाता है। खुद खाने से पहले दूसरों को अपने हाथों से भोजन परोसना और फिर सबके खाने में उनको संतुष्टि मिलती है।